रेलवे स्टेशन पर रविवार दोपहर चलती ट्रेन में चढ़ने की कोशिश में महिला गिर गई। जिससे उसके दोनों पैर टूट गए और शरीर के अन्य हिस्सों में भी चोट आई। गंभीर रूप से घायल महिला को मेडिकल कालेज भर्ती कराया गया है। जहां उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है।
मध्य प्रदेश के जिला छतरपुर के थाना लुगासी के ग्राम झीगर निवासी मोहन की पत्नी अभिलाषा (32 वर्ष) रविवार को दोपहर महोबा रेलवे स्टेशन से खजुराहो-उदयपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस में सवार हुई थी। वह अपने भाई और 10 वर्षीय बेटे के साथ झांसी जा रही थी। सफर के दौरान वह सभी स्लीपर कोच में बैठ गए थे। ट्रेन जब मऊरानीपुर के समीप थी, तभी कोच में टिकट चेकिंग स्टाफ पहुंचा। रिजर्वेशन टिकट न होने के कारण टीटीई ने उन्हें स्लीपर कोच से उतरकर जनरल कोच में जाने को कहा। दोपहर में जैसे ही इंटरसिटी एक्सप्रेस मऊरानीपुर स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर रुकी, महिला अपने भाई व बेटे के साथ सामान लेकर नीचे उतरी और जनरल डिब्बे की तरफ दौड़ने लगी। अभी वह जनरल कोच में चढ़ने का प्रयास कर ही रहे थे कि इसी दौरान ट्रेन ने गति पकड़ ली। चलती ट्रेन में चढ़ने की आपाधापी में महिला का पैर फिसल गया और वह सीधे ट्रेन व प्लेटफॉर्म के बीच बने गहरे गैप में फंस गई। महिला के दोनों पैर लहूलुहान होकर टूट चुके थे। घटना की सूचना मिलते ही जीआरपी उपनिरीक्षक गोविंद सक्सेना मौके पर पहुंचे।
अत्यधिक खून बहने से हालत हुई नाजुक
लहूलुहान हालत में महिला को प्लेटफॉर्म से बाहर निकाला गया और तत्काल 108 एंबुलेंस को सूचना दी गई। महिला को स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया, जहां अत्यधिक खून बह जाने और स्थिति अत्यंत नाजुक होने के कारण डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार देकर उसे तुरंत झांसी मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर दिया। इस पूरे हादसे और राहत कार्य के चलते इंटरसिटी एक्सप्रेस मऊरानीपुर स्टेशन पर लगभग 15 मिनट की देरी से रवाना हो सकी।
