शहर की छह लाख की आबादी को अभी छह दिनों तक बिजली संकट का सामना करना पड़ेगा। कारण है पारीछा में 220 केवी लाइन का टावर धराशायी हो चुका है जिसे लगाने का कार्य किया जा रहा है। इसे लगाने में अभी छह दिन और लगेंगे। फिलहाल विभाग ललितपुर थर्मल पावर प्लांट से आपूर्ति लेकर सप्लाई कर रहा है। मगर इससे लो वोल्टेज व आपात कटौती जैसी समस्या सामने आ रही है जिससे आम-आवाम में आक्रोश है।

बिजली निगम की माने तो शहर समेत आसपास के 24 बिजलीघरों के दो लाख से अधिक उपभोक्ताओं की बिजली आपूर्ति हांसरी 132 केवी और दुनारा 220 केवी बिजलीघर से आपूर्ति होती है। इनमें शहर के 16 बिजलीघर क्षेत्र में करीब 1.40 लाख उपभोक्ता हैं। बाकी बचे उपभोक्ता ग्रामीण क्षेत्र के आठ 33 केवी उपकेंद्र के हैं। इन बिजलीघरों की आपूर्ति हांसरी व दुनोरा से होती है। पारीछा पावर प्लांट से 220 केवी डबल सर्किट लाइन के माध्यम से दुनोर बिजलीघर को आपूर्ति होती थी। मगर 12 मई को आए चक्रवात में 220 केवी लाइन का टावर धराशायी हो गया। फिलहाल ललितपुर स्थित बजाज पावर प्लांट से बिजली ली जा रही है। यह प्लांट झांसी से करीब 90 किलोमीटर दूर है। लंबी दूरी के कारण लो वोल्टेज की समस्या उत्पन्न हो गई है। प्रभावित क्षेत्रों में दिन में कई घंटों की आपात कटौती की जा रही है। जिसके कारण लोगों में आक्रोश व्याप्त हैं। गर्मी के मौसम में यह संकट आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर रहा है। घरेलू, वाणिज्यिक और औद्योगिक क्षेत्रों में बिजली की अनियमित आपूर्ति से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति और भी खराब बताई जा रही है।

अफसरों ने बैठक में तैयार की रणनीति

बिजली निगम के ट्रांसमिशन, वितरण और थर्मल पावर प्लांट के अधिकारियों की बैठक हुई। जिसमें बिजली आपूर्ति की व्यवस्था सुधारने और उपभोक्ताओं को राहत प्रदान करने के विषय पर चर्चा हुई। करीब दो घंटे चली बैठक में मुख्य अभियंता केपी खान ने बताया कि पावर ट्रांसफार्मर के टैप बढ़ाए जाएंगे। यही नहीं यूपी एसएलडीसी से समन्वय स्थापित कर ग्रीड का वोल्टेज बढ़वाया जाएगा। ताकि लोगों को राहत मिल सके।

इनका यह है कहना

220 केवी लाइन का टावर गिरने बिजली का संकट उत्पन्न हुआ है। फिलहाल ललितपुर से वैकल्पिक सप्लाई जारी रहेगी, हालांकि क्षमता सीमित होने के कारण पूर्ण भार नहीं लिया जा सकता। पुष्कर सिंह, एसई, शहर



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