कलक्ट्रेट सभागार में शनिवार को जिला खनिज फाउंडेशन न्यास झांसी की शासी परिषद और प्रबंधन समिति की बैठक हुई। इसमें जल संचयन प्रणाली के तहत जनप्रतिनिधियों के प्रस्ताव पर पहूज नदी, सुखनई नदी के संरक्षण, बड़वार झील और टहरौली तालाब की क्षमता वृद्धि, जल संचयन के लिए सिंचाई विभाग को डीपीआर बनाने के निर्देश दिए।

डीएम गौरांग राठी ने बताया कि ऐसे गांव जो खनन क्षेत्र से प्रभावित हैं, वहां इस निधि का इस्तेमाल किया जा सकता है। जनहित के कार्यों के अलावा बच्चों की शिक्षा को बढ़ाने के लिए भी कार्य किए जाते हैं। बैठक में निर्माणाधीन बरुआसागर के फुटेरा में मिनी इंडोर हॉल के निर्माण के लिए 2.09 करोड़ में से 63 लाख अवमुक्त कर दिए गए। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग द्वारा निर्माण कार्य पर रोक लगाने के प्रकरण की जानकारी लेते हुए डीएम ने कार्यदायी संस्था को फटकार लगाई। संस्था द्वारा किए जाने वाले कार्य को एक महीने में पूर्ण करने के निर्देश दिए। डीएम ने प्रतापपुरा-धनौरा संपर्क मार्ग, पनारी संपर्क मार्ग की डीपीआर बनाने के साथ ही ऐसी डिजाइन बनाने के निर्देश दिए, जिससे हैवी लोड से सड़क खराब न हो। सड़क निर्माण में पांच साल के अनुरक्षण कार्य को डीपीआर में शामिल करने के निर्देश दिए।

जनप्रतिनिधियों ने मेडिकल कॉलेज में चिकित्सा सुविधाओं को बेहतर बनाने की बात कही। यहां की सभी लिफ्ट को आधुनिक बनाने का प्रस्ताव दिया। बैठक में एमएलसी रमा निरंजन के आठ, एमएलसी डॉ. बाबूलाल तिवारी के 27, विधायक राजीव सिंह पारीछा के एक, विधायक रवि शर्मा के तीन, विधायक जवाहर राजपूत के सात, विधायक रश्मि आर्य के एक समेत झांसी सांसद के दो, जालौन सांसद के 24 प्रस्ताव पर चर्चा कर सैद्धांतिक स्वीकृति दी गई। इस दौरान सीडीओ रामेश्वर सुधाकर सब्बनवाड, संयुक्त मजिस्ट्रेट आयुष सैनी, सीएमओ डॉ. सुधाकर पांडेय, एडीएम न्याय अरुण कुमार गौड़, जिला खनिज अधिकारी शैलेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।



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