दिन का पारा 46.5 डिग्री सेल्सियस पहुंच जाने से बृहस्पतिवार सीजन का सबसे गर्म दिन रहा। हालांकि, पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से शाम से मौसम बदल गया। ग्रामीण इलाकों में बारिश और ओलावृष्टि हुई। रात में महानगर में भी पानी गिरा। मौसम विभाग ने 31 मई तक आंधी-बारिश के आसार जताए हैं।
25 मई से नौतपा की शुरुआत हो चुकी है। नौतपा के पहले दिन से दिन 46 डिग्री सेल्सियस पारा पहुंच गया था। उसके बाद से अब तक तापमान में मामूली उतार-चढ़ाव के साथ झांसी में भीषण गर्मी पड़ रही है। लेकिन बृहस्पतिवार को दिन का पारा 46.5 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। चिलचिलाती धूप और लू के थपेड़ों ने लोगों का हाल बेहाल कर दिया। दोपहर में सड़कों और बाजारों में सन्नाटा रहा। बांदा (47.5 डिग्री) के बाद झांसी प्रदेश का दूसरा सबसे गर्म शहर रहा। न्यूनतम पारा 30 डिग्री सेल्सियस होने से झांसी की रात प्रदेश में सबसे गर्म रही। महानगर में रात नौ बजे के बाद मौसम बदला। बादलों की तेज गड़गड़ाहट और बिजली की चमक के साथ बारिश शुरू हो गई। 20 से 25 मिनट तक कभी तेज तो कभी धीमा पानी गिरता रहा। इससे वातावरण की गर्माहट कम हुई।
इससे पहले शाम पांच बजे के बाद गुरसराय नगर में तेज बारिश के साथ 15 मिनट तक जमकर ओलावृष्टि हुई। नगर की गलियां और सड़कें सफेद चादर से ढकी नजर आईं। रेंज चौराहा, कॉलेज चौराहा से लेकर खेर इंटर कॉलेज के क्रीड़ा स्थल तक हर तरफ ओले ही ओले दिखे। इसी तरह, गरौठा में भी ओलावृष्टि हुई। इससे खेतों में पककर तैयार खड़ी मूंग की फसल को नुकसान हुआ है। एवनी के किसान भान सिंह राजपूत, साधुराम, मूलचंद राजपूत, अशोक कुमार राजपूत, विजय सिंह राजावत, अमरेंद्र प्रताप सिंह परिहार, गयाप्रसाद लोधी बताया कि 50 ग्राम से लेकर 200 ग्राम तक के ओले गिरने से खेतों में खड़ी फसलें प्रभावित हुई हैं। किसानों ने शासन से सर्वे कराकर मुआवजा दिलाने की गुहार लगाई है। टोडीफतेहपुर में भी शाम को तेज हवाओं के साथ हुई ओलावृष्टि होने से मूंग की फसल प्रभावित हुई। किसानों का कहना है कि इस बार अच्छी पैदावार की उम्मीद थी लेकिन अचानक हुई ओलावृष्टि ने खेतों में खड़ी फसल को नष्ट कर दिया। किसान सुरेंद्र, प्रकाश नारायण, लालाराम, सुगर सिंह, दयाराम, रमेश अहिरवार, चंदन, महेशचंद आदि ने जिला प्रशासन से नुकसान का सर्वे कराकर मुआवजा दिलाने की मांग की है।
सौ किमी प्रतिघंटा तक की गति से चल सकती हवा
मौसम केंद्र लखनऊ के वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक डॉ. अतुल कुमार सिंह का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ का असर बुंदेलखंड समेत प्रदेश के अधिकांश जिलों में होगा। झांसी में शुक्रवार को सौ किलोमीटर प्रतिघंटा तक की गति से हवा चल सकती है। बारिश और ओलावृष्टि के भी आसार हैं। 31 मई तक बारिश कभी तेज तो कभी हल्की बारिश होगी। इससे तापमान में पांच से छह डिग्री तक की गिरावट आ सकती है।
बिजली की चमक के साथ होती बारिश…
