परवेज अली की हत्या के बाद पुलिस महानगर में ड्रग्स कारोबार के तार खंगाल रही है। पकड़े गए आरोपियों के मोबाइल नंबर एवं कॉन्ट्रैक्ट लिस्ट के सहारे पुलिस को ड्रग्स नेटवर्क के बारे में कई अहम सुराग भी मिले। सर्विलांस टीम उसकी मदद से आगे की जांच कर रही है लेकिन अधिकांश मोबाइल फोन कुछ दिनों के भीतर ही धड़ाधड़ करके स्विच ऑफ हो गए। इनकी लोकेशन भी नहीं मिल रही है हालांकि पुलिस अफसरों का कहना है कि जल्द ही नशे के कारोबार का भंडाफोड़ होगा।
परवेज की हत्या के बाद ड्रग्स कारोबार की कई परतें खुलकर सामने आ गई थीं। उसकी मौत के बाद पुलिस उसके संपर्कों और नेटवर्क की पड़ताल कर रही है। जांच में यह बात सामने आई कि परवेज की पहुंच सिर्फ आम खरीदारों तक सीमित नहीं थी बल्कि शहर के हाई सोसाइटी से जुड़े लोगों को भी ड्रग्स की सप्लाई करता था। पुलिस यह भी खंगाल रही है कि परवेज का कोतवाली क्षेत्र में लगातार आना-जाना किन लोगों से जुड़ा था। इन इलाकों में उसके संपर्कों और लेन-देन की जानकारी जुटाई जा रही है। एसएसपी विकास कुमार के मुताबिक इस मामले में नशे के कारोबार का पता लगाया जा रहा है। जल्द ही कार्रवाई भी होगी।
पुराने संपर्कों से खुल रहा नेटवर्क
परवेज के पुराने संपर्क अब पुलिस की जांच का अहम आधार बन गए हैं। पुलिस उसके मोबाइल, बैंक खातों, संपर्कों और ड्रग्स से जुड़े लोगों के बारे में जानकारी जुटा रही है। इसी कड़ी में कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि परवेज किन लोगों से माल लेता था और किन लोगों तक उसकी सप्लाई पहुंचती थी। परवेज हत्याकांड में पुलिस ने 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया था।
