नगर निगम प्रशासन ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में निर्माण विभाग के लिए 40.45 करोड़ रुपये बजट प्रस्तावित किया गया है, जो कि पिछले साल से 1.40 करोड़ रुपये कम है। जबकि, महानगर में चकाचौंध के लिए मार्ग प्रकाश विभाग के लिए 34.70 करोड़ रुपये प्रस्तावित हैं, जो पिछले साल के बजट से 12 फीसदी अधिक है। अब भाजपा के ही पार्षद ने बजट आवंटन व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पिछले महीने हुई नगर निगम की कार्यकारिणी की बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 490.62 करोड़ रुपये के मूल बजट की स्वीकृति दी जा चुकी है। अब यह बजट सोमवार को होने वाली सदन की बैठक में पेश किया जाएगा, लेकिन इससे पहले ही विभागों को आवंटित किए गए बजट पर विवाद शुरू हो गया है। बताया गया कि बजट में मार्ग प्रकाश विभाग को महानगर के चौराहों, पार्क, मार्गों पर प्रकाश व्यवस्था के लिए विद्युत सामग्री की खरीद के लिए 8.50 करोड़ रुपये प्रस्तावित किए गए हैं। इसी तरह, नए विद्युत पोल, हाईमास्ट लाइटों के लिए 10.50 करोड़, डेकोरेटिव लाइटों समेत एलईडी पोल स्थापना कार्य के लिए 2.50 करोड़, सोलर लाइट, सोलर हाईमास्ट पोल आदि के लिए 2.50 करोड़, पार्कों में प्रकाश व्यवस्था, उपकरण मरम्मत, अनुरक्षण के लिए एक करोड़ रुपये प्रस्तावित हैं। कुल मिलाकर मार्ग प्रकाश विभाग के लिए 34.70 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
जबकि, सार्वजनिक निर्माण विभाग को मूलभूत सुविधाओं जैसे भवन, शौचालय निर्माण, सड़क, नाली निर्माण, रखरखाव और पार्क निर्माण के लिए 27.50 करोड़, वार्षिक नाला सफाई के लिए एक करोड़, श्मशान घाट, कब्रिस्तान निर्माण एवं मरम्मत के लिए 25 लाख, स्वच्छ सर्वेक्षण के तहत मरम्मत कार्य के लिए 50 लाख, सीएम ग्रिड के तहत निकाय अंशदान के लिए 8.50 करोड़ रुपये प्रस्तावित है। इस तरह, निर्माण विभाग को 40.45 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। मार्ग प्रकाश विभाग से निर्माण विभाग को आवंटित बजट आंकड़ों में भले ही ज्यादा लग रहा हो, लेकिन इसकी हकीकत जानने के लिए पिछले साल के बजट पर भी गौर करना होगा।
पिछले साल से इस बार निर्माण कार्यों के लिए प्रस्तावित बजट घटा
नगर निगम के आंकड़ों के अनुसार मार्ग प्रकाश विभाग को वित्तीय वर्ष 2025-25 में 30.80 करोड़ रुपये बजट आवंटन हुआ था। ऐसे में इस साल प्रस्तावित बजट पिछले साल से लगभग चार करोड़ अधिक है। जबकि, निर्माण विभाग को वित्तीय वर्ष 2025-26 में 41.85 करोड़ रुपये आवंटित हुआ था। इस वर्ष 1.40 करोड़ रुपये कम बजट प्रस्तावित किया गया है। ये स्थिति तब है, जब खासकर पिछड़े वार्ड के पार्षद निर्माण कार्य के मुद्दे पर मुखर हैं और लगातार सड़क, नाली की मरम्मत से लेकर निर्माण को लेकर प्रस्ताव दे रहे हैं।
पार्षद बोले-मार्ग प्रकाश विभाग का 60 फीसदी बजट घटाएं
वार्ड 15 गरियागांव के बीजेपी पार्षद ने नगर आयुक्त को लिखे पत्र में कहा कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के मूल बजट में मार्ग प्रकाश विभाग में 34.70 करोड़ का बजट आवंटन किया गया है, जो गलत है। जबकि सार्वजनिक निर्माण विभाग को 40.45 करोड़ रुपये बजट का आवंटन किया गया है, जो काफी कम है। महानगर की नाली, सड़कें टूटी पड़ी हैं। यहां बजट की ज्यादा आवश्यकता है। बिजली की कोई आवश्यकता नहीं है। इसलिए मार्ग प्रकाश विभाग के बजट को 60 फीसदी घटाकर निर्माण विभाग के मद में जोड़ दिया जाए, जिससे महानगर की टूटी पुलिया, नालियों का निर्माण और मरम्मत कराई जा सके। उन्होंने झांसी दिवस के लिए प्रस्तावित राशि 45 लाख से घटाकर 15 लाख करने की मांग की। कहा कि महानगर की सड़कें खराब और पुलिया टूटी हैं। ऐसे में उत्सव मनाने से जनता की नजरों में अच्छा संदेश नहीं जाता है।
यह बोले पार्षद
वार्ड की 70 फीसदी सड़कें खराब हैं। 12 से 14 सड़कें कच्ची हैं। ये स्थिति पैच मोहल्ला, लहरगिर्द, बिहारी चौराहा, कम्बोद नगर, मुरारी नगर, मुख्य हाईवे से वंशीवाले मंदिर जाने वाली रास्ते की है। वार्ड की कच्ची सड़क का टेंडर निरस्त करके बेहतर मार्ग का फिर से नवनिर्माण कराया जा रहा है। – कामेश अहिरवार, वार्ड 23 पार्षद।
वार्ड में 8-10 सड़कें कच्ची हैं। रामराजा मोहल्ला, सैनिक कॉलोनी, खिरकपट्टी में सरकारी स्कूल के पास, भट्टागांव में स्वास्थ्य केंद्र के पास, नारायण कॉलोनी आदि जगहों की सड़कें खस्ताहाल हैं। 10-15 साल पहले डली एपेक्स सड़क भी जर्जर हो चुकी हैं। ये भी नीति बने कि एपेक्स सड़कों का कितने वर्षों में नवीनीकरण हाेगा। अमित राय, वार्ड 3 पार्षद।
