सात साल पहले एक बालिका का अपहरण करने वाले को विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) नेयाज अहमद अंसारी ने सात वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। उस पर 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।
अभियोजन के मुताबिक 11 जून 2019 को बरुआसागर थाना क्षेत्र के एक गांव में सात वर्षीय बालिका का पास के गांव के ही हृदयेश ने बहला-फुसलाकर अपहरण कर लिया था। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर हृदयेश को गिरफ्तार किया था। विवेचना के बाद चालान न्यायालय में प्रस्तुत किया था। बुधवार को विशेष न्यायाधीश ने मामले की सुनवाई की। बचाव पक्ष से अधिवक्ता ने दलील दी कि हृदयेश को फंसाया गया है। विशेष लोक अभियोजक (पॉक्सो एक्ट) विजय सिंह कुशवाहा ने तर्क दिया कि नाबालिग का धोखे से अपहरण किया गया था। अपराध क्षमा योग्य नहीं है। उसे कठोर सजा दी जाए। इस आधार पर न्यायालय ने हृदयेश को 7 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई।
