नेत्र रोगियों को बाहर की दवा (आई ड्राप्स) लिखने पर डीएम गौरांग राठी ने जिला अस्पताल के नेत्र परीक्षक (ऑप्टोमेट्रिस्ट) को निलंबित कर दिया। ओपीडी में गंदगी मिलने पर सेवाप्रदाता पर कार्रवाई के आदेश दिए। रोगियों की सहूलियत के लिए सीटी स्कैन की रिपोर्ट एक घंटे में देने के आदेश दिए।
बाहर की दवा लिखने पर कार्रवाई
डीएम दोपहर दो बजे जिला अस्पताल पहुंचे। वह सीधे नेत्र रोग की ओपीडी गए और रोगियों से बात की। कुछ रोगियों ने पर्चे तो कुछ ने बाहर से दवा लाने की पर्ची दिखाई। डीएम ने ड्यूटी पर तैनात डॉ. गौरव सेठ से पूछताछ की। डॉ. सेठ ने पर्चे देखकर बताया कि लिखावट उनकी नहीं है। पूछने पर पता चला कि बाजार से दवा लाने की पर्ची नेत्र परीक्षक (ऑप्टोमेट्रिस्ट) आशीष साहू ने लिखी है। डीएम ने उनके निलंबन के आदेश दिए। चेतावनी दी कि बाहर से दवाएं किसी भी दशा में स्वीकार नहीं होंगी। वहीं, प्रथम तल पर महिला शौचालय में गंदगी मिली, जबकि पुरुष शौचालय बंद मिला। डीएम ने सेवाप्रदाता को नोटिस निर्गत करते हुए कार्रवाई के आदेश दिए।
निरीक्षण के दौरान कही यह बात
डीएम ने भीषण गर्मी के चलते मरीजों एवं तीमारदारों के लिए छाया की व्यवस्था करने को कहा। इसके बाद उन्होंने इंटीग्रेटेड पैथोलॉजी का निरीक्षण किया। रजिस्ट्रेशन कराकर जा चुके कुछ लोगों से फोन पर बात कर किसी भी तरह की धनराशि न लिए जाने की पुष्टि की। कहा कि सीटी स्कैन की रिपोर्ट एक घंटे में ही रोगी को दी जाए। इसके बाद कुछ लोगों ने पार्किंग की समस्या को उठाया। डीएम ने कहा कि नगर निगम की टीम भ्रमण कर रोड साइड पार्किंग की व्यवस्था कराए। इस दौरान जॉइंट मजिस्ट्रेट आयुष सैनी, सीएमएस डॉ. आरके सक्सेना, सीएमओ डॉ. सुधाकर पांडेय आदि मौजूद रहे।
