बिजली के कथित मनमाने बिल और बिना पूर्व सूचना के आपूर्ति काटे जाने के विरोध में कांशीराम आवास कॉलोनी के सैकड़ों निवासियों का बुधवार शाम गुस्सा फूट पड़ा। महिलाओं और पुरुषों ने पहले उपजिलाधिकारी आवास का घेराव कर प्रदर्शन किया। समाधान नहीं मिलने पर डाक बंगला तिराहे पर सड़क पर बैठकर जाम लगा दिया। करीब आधे घंटे तक यातायात बाधित रहा। कॉलोनीवासियों का आरोप है कि बिना सही मीटर रीडिंग के छह साल का बकाया दिखाकर गरीब परिवारों को लाखों रुपये के बिजली बिल थमाए जा रहे हैं। उनका यह भी आरोप है कि बिना पूर्व सूचना के बिजली आपूर्ति काट दी गई। कॉलोनी में करीब 300 परिवार रहते हैं।
छह साल का बकाया दिखाने का आरोप
प्रदीप कुमार, विकास, अंजलि, बबीता, सुनीता, शकीना, राहुल और सोनू आदि ने बताया कि वर्ष 2011 में आवासों की रजिस्ट्री सौंपते समय लिखित समझौते के तहत 120 रुपये प्रतिमाह बिजली और 80 रुपये पानी का बिल तय किया गया था। इसके बावजूद अब विद्युत विभाग की ओर से कथित तौर पर बिना सही मीटर रीडिंग के अधिक राशि के बिल भेजे जा रहे हैं। कॉलोनीवासियों के मुताबिक, मंगलवार सुबह करीब 10 बजे विद्युत वितरण निगम के कर्मचारियों ने कॉलोनी की बिजली काट दी। भीषण गर्मी में बिजली गुल होने से लोगों की परेशानी बढ़ गई। बिजली न होने से जलापूर्ति भी ठप हो गई। ऊपरी मंजिलों पर रहने वाले परिवारों को सबसे अधिक परेशानी हुई। कॉलोनी में लगे हैंडपंप पहले से खराब हैं, जिससे पेयजल संकट भी गहरा गया।
पहले एसडीएम आवास, फिर सड़क पर उतरे लोग
बिजली और बिल की समस्या को लेकर कॉलोनीवासी पहले एसडीएम आवास पहुंचे और प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपा। समस्या का तत्काल समाधान नहीं होने पर नाराज लोग शाम करीब 6 बजे डाक बंगला तिराहे पर सड़क पर बैठ गए। इससे वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। जाम की सूचना पर कोतवाल मुकेश कुमार सोलंकी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शनकारियों को समझाकर शांत कराया और यातायात बहाल कराया। इसके बाद प्रदर्शनकारी दोबारा उपजिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे। एसडीएम ने समस्या को गंभीरता से लेते हुए बिजली आपूर्ति बहाल कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद लोग शांत होकर अपने घर लौट गए।
इन्होंने यह कहा
कांशीराम कॉलोनी में कुछ लोग बिजली चोरी कर रहे हैं। विभाग की ओर से बिल दिए जाने के बावजूद उनका भुगतान नहीं किया जा रहा है। कांशीराम फीडर हाईलाइन लॉस में आ गया है। मुख्यालय से बिजली चोरी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश मिले हैं। इसी के तहत कार्रवाई की जा रही है। – बृजभान, अधिशासी अभियंता
