विकास भवन सभागार में बृहस्पतिवार को हुई जिला स्तरीय समीक्षा समिति की बैठक में जिलाधिकारी गौरांग राठी ने बैंकों के प्रदर्शन पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने सरकारी योजनाओं में बैंकों द्वारा बरती जा रही शिथिलता और कम सीडी रेशियो को असंतोषजनक बताया। जिलाधिकारी ने लापरवाही बरतने वाले बैंकों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी।

बैठक में बताया गया कि एक जुलाई 2026 से अब तक कृषि और एमएसएमई क्षेत्र में लगभग 300 करोड़ रुपये से अधिक का ऋण वितरित किया जा चुका है। गौरांग राठी ने बैंकों को निर्देश दिए कि वे आवेदन पत्रों को निरस्त करने में सावधानी बरतें और निरस्तीकरण का कारण स्पष्ट करें। उन्होंने कहा कि अनावश्यक रूप से आवेदन निरस्त होने पर शासन को कार्रवाई के लिए संस्तुति की जाएगी। जिलाधिकारी ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, इंडियन बैंक और यूनियन बैंक सहित कम सीडी रेशियो वाले बैंकों को फटकार लगाई। उन्होंने इन बैंकों को अपने सीडी रेशियो में सुधार लाने के लिए माइक्रोप्लान तैयार कर क्रियान्वित करने के निर्देश दिए। निजी बैंकों को भी प्राथमिकता वाले क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करने और शिविर आयोजित कर ऋण वितरण में तेजी लाने का सुझाव दिया गया।

वहीं, किसान क्रेडिट कार्ड जारी करने में ढिलाई बरतने पर जीएम जिला सहकारी बैंक अखिलेश कुमार को फटकार लगाई गई। बैंक ऑफ इंडिया को स्वयं सहायता समूह के कैश क्रेडिट लिंकेज में खराब प्रदर्शन यानी 190 के सापेक्ष मात्र 18 वितरित करने के लिए नाराजगी व्यक्त की। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान योजना में एचडीएफसी बैंक द्वारा 48 में से मात्र तीन आवेदनों को लाभ देने और आईसीआईसीआई बैंक की शून्य प्रगति पर भी जिलाधिकारी ने सख्त नाराजगी जताई। उन्होंने सभी लंबित आवेदनों को तत्काल निस्तारित करने के निर्देश दिए।



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