सटोरियों के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन-720 के तहत पुलिस ने सोमवार को सट्टा गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए पूर्व पार्षद एवं भाजपा नेता संतोष श्रीवास समेत चार सटोरियों को गिरफ्तार कर लिया जबकि मकान मालिक समेत तीन नाम प्रकाश में आए हैं। पुलिस इनको तलाश रही है। गिरफ्तार सटोरियों के मोबाइल से 3.96 लाख के क्वाइन समेत रजिस्टर में डेढ़ करोड़ रुपये का हिसाब मिला है। पुलिस ने तीन लैपटॉप, 17 मोबाइल, एक टेबलेट समेत 10 रजिस्टर भी बरामद किए हैं।
एसपी सिटी प्रीति सिंह एवं एसीपी अरीबा नोमान ने बताया बबीना के चंदौली गांव में बिरजू श्रीवास के घर को सटोरियों ने ठिकाना बनाया हुआ था। वेबसाइट के जरिए आईपीएल मेें सट्टेबाजी कराते थे। सोमवार को पुलिस ने दबिश देकर कोतवाली के सैंयर गेट मोहल्ला निवासी पूर्व पार्षद संतोष श्रीवास, नैनागढ़ निवासी उमेश गुप्ता, लालता प्रसाद कम्पाउंड निवासी आशीष अग्रवाल एवं कृष्णा एंनक्लेव निवासी सचिन यादव को गिरफ्तार कर लिया। इनके पास 3,96,208 रुपये के डिजिटल क्वाइन मिले। पुलिस के मुताबिक सरगना के तौर पर मिशन कम्पाउंड निवासी प्रेम खटीक का नाम सामने आया है। इससे पूर्व पार्षद संतोष श्रीवास ने आईडी ली थी। संतोष एजेंट के तौर पर इसे चलाता है। उमेश, आशीष अग्रवाल और सचिन यादव का काम ग्राहक तलाशना था। 30 प्रतिशत मुनाफा संतोष अपने पास रखता था जबकि 70 प्रतिशत मुनाफा प्रेम खटीक और निहाल के पास जाता था।
गिरोह में मकान मालिक भी शामिल, तलाश रही पुलिस
पुलिस को पूछताछ में मालूम चला कि सट्टा गिरोह में मकान मालिक बिरजू श्रीवास उर्फ गोविंद भी शामिल था। पूर्व पार्षद संतोष 30 फीसदी मुनाफे से सभी को हिस्सा देता था। मकान मालिक का भी हिस्सा था। आरोपियों के मोबाइल में 6 बैंकों की यूपीआई आईडी मिली। इनके जरिए बैंक से वह लेनदेन करते थे। पुलिस के मुताबिक आईडी बांटने वाले प्रेम खटीक पर कई मामले पहले से दर्ज हैं। उसके खिलाफ 2013 में सट्टा खिलवाने के आरोप में मामला दर्ज हुआ था। उस पर हत्या की कोशिश, ठगी, मारपीट समेत कई धाराओं में उस पर सात से अधिक मामले दर्ज हैं।
सट्टेबाजों के लिए पुलिस ने किया लग्जरी कार का इंतजाम
भाजपा नेता एवं पूर्व पार्षद संतोष श्रीवास समेत चारों सटोरियों के लिए पुलिस ने किराये पर लग्जरी एसी कार मंगवाई थी। इसी कार से उन चारों को झांसी लाया गया। एसी युक्त कार से चारों पहले पुलिस लाइन पहुंचे, यहां से उन चारों को कोर्ट के सामने ले जाया गया। गर्मी से बचने के लिए जब तक उनका नंबर नहीं आया चारों कार के अंदर बैठकर एसी की हवा खाते रहे। उस दौरान संतोष एवं अन्य सटोरियों के दोस्त भी आसपास मोटर साइकिल से मड़रा रहे थे। थाना प्रभारी विनय साहू ने भी कि सटोरियों को झांसी तक लाने के लिए किराये पर कार मंगवाई गई थी।
मामले की जानकारी देतीं एसपी सिटी प्रीति सिंह…
