सट्टेबाजी गिरोह का सरगना हरेंद्र परिहार को पार्टी के मंडल उपाध्यक्ष पद से हटाने में भाजपा नेताओं को चार दिन लग गए। उसे 25 अप्रैल को प्रेमनगर पुलिस ने गिरफ्तार किया था। उसके दो साथी भी पकड़े गए। इसके बाद कोर्ट ने तीनों को जेल भेज दिया। तब से तीनों आरोपी जेल में ही हैं।




मंडल उपाध्यक्ष के पकड़े जाने के बाद अमर उजाला ने यह खबर प्रमुखता से प्रकाशित की थी। सोशल मीडिया पर भी भाजपा नेता के पकड़े जाने की वजह से लोगों ने नाराजगी जताई लेकिन, पार्टी नेता उसे पद से हटाने की हिम्मत नहीं जुटा सके। चार दिन बाद बुधवार को प्रेमनगर मंडल अध्यक्ष निर्मल कुमार कुशवाहा ने आखिरकार पत्र जारी करके आरोपी मंडल उपाध्यक्ष को पद से हटा दिया। अध्यक्ष ने उसकी नियुक्ति की भी खुद से जिम्मेदारी ली है।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *