रिसाला चुंगी से ओरछा तिगैला तक बनने वाली फोरलेन सड़क के लिए अब एनओसी का पेंच फंस गया है। यहां 160 मीटर के पैच के लिए जेडीए प्रशासन रक्षा मंत्रालय से अनापत्ति प्रमाणपत्र लेगा। इसके अलावा 581 पेड़ भी हटाए जाएंगे। इसके लिए वन विभाग को पौधरोपण के लिए गरौठा में भूमि दी जाएगी।

रात में बढ़ जाता है हादसे का खतरा

5.9 किलोमीटर लंबी सड़क चौड़ीकरण के लिए शासन की ओर से 37.17 करोड़ रुपये मार्च में जारी किए जा चुके हैं। अभी यह सिंगल लेन है। स्ट्रीट लाइटें भी नहीं लगी हैं। ऐसे में रात में अंधेरा हो जाने से हादसे का खतरा रहता है। फोरलेन बन जाने के बाद ओरछा, मऊरानीपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी आदि आना-जाना आसान हो जाएगा। सड़क चौड़ीकरण में विद्युत खंभे आड़े आएंगे। ऐसे में जेडीए की ओर से विद्युत विभाग को 26.11 लाख रुपये इन खंभों को स्थानांतरित करने के लिए दिए जाएंगे। इसके अलावा पेयजल लाइन स्थानांतरित करने के लिए जल निगम को 2.98 करोड़ रुपये दिए जाएंगे।

रक्षा मंत्रालय से मांगा जा रहा अनापत्ति प्रमाणपत्र

इसके अलावा इस मार्ग पर वन विभाग के यहां 581 पेड़ हैं। इन्हें हटाया जाना है। जेडीए उपाध्यक्ष हिमांशु गौतम का कहना है कि वन विभाग को गरौठा में वन विभाग को पौधरोपण के लिए 8.1 हेक्टेयर जमीन भी दी जाएगी। वहीं, आरओडब्ल्यू (राइट ऑफ वे) मिलाकर ये मार्ग 18 मीटर चौड़ा होगा। अभी 160 मीटर के पैच में रक्षा मंत्रालय की जमीन आ रही है। ऐसे में रक्षा मंत्रालय के पोर्टल पर एनओसी के लिए आवेदन किया जा रहा है।



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