सौ करोड़ के सट्टेबाजी में हाईकोर्ट से राहत मिलने के बाद बुधवार जेल से बाहर निकलते ही भाजपा नेता को सीपरी बाजार थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर बृहस्पतिवार कोर्ट में पेश किया। सीजेएम कोर्ट में पुलिस के रिमांड आवेदन को निरस्त कर अशीष को राहत दी। वहीं एक दिन पहले प्रेमनगर थाने में दर्ज लूट व रंगदारी के मामले में डकैती कोर्ट ने आशीष की जमानत याचिका खारिज कर उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।

सट्टेबाजी में फंसे भाजपा नेता आशीष उपाध्याय की मुश्किलें थमने का नाम नहीं ले रही हैं। सौ करोड़ रुपये की सट्टेबाजी में नवाबाद थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर आशीष को कोर्ट में पेश किया था, जहां उसे जेल भेज दिया गया। इधर हाईकोर्ट से राहत मिलने के बाद बुधबार जैसे ही भाजपा नेता को जेल से रिहा किया गया, उसी वक्त सीपरी पुलिस ने रॉयल सिटी में पकड़े गए सट्टेबाजी प्रकरण में आशीष को गिरफ्तार कर लिया। वहीं प्रेमनगर थाना पुलिस ने भी बुधवार को भाजपा नेता व उसके साथी के विरुद्ध लूट व रंगदारी का मामला दर्ज कर लिया। बृहस्पतिवार सुबह सीपरी बाजार व प्रेमनगर थाना पुलिस भारी फोर्स के साथ कोर्ट पहुंचा। पहले सीपरी बाजार पुलिस ने सीजेएम कोर्ट में आशीष को पेश कर रिमांड का आवेदन दिया। लेकिन कोर्ट ने पुलिस की दलीलों को सिरे से खारिज करते हुए रिमांड आवेदन को निरस्त कर दिया। वहीं प्रेमनगर थाना पुलिस ने आशीष को डकैती कोर्ट में पेश किया। जहां कोर्ट ने आशीष की जमानत याचिका खारिज करते हुए उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।

शहर के तीन थानों में दर्ज हैं मामले

भाजपा नेता आशीष उपाध्याय पर नवाबाद व सीपरी बाजार थाने में सट्टेबाजी और प्रेमनगर में लूट व रंगदारी का मुकदमा दर्ज हुआ है। अब तक भाजपा नेता पर तीन थानों में मामले दर्ज हो चुके हैं।

प्रेमनगर पुलिस कर रही रिमांड पर लेने की तैयारी

इधर न्यायिक हिरासत में जेल भेजे गए भाजपा नेता आशीष उपाध्याय को प्रेमनगर पुलिस रिमांड पर लेने के प्रयास में जुट गई है। थाना प्रभारी प्रेमनगर तुलसीराम पांडेय ने बताया कि आशीष पर इस कारण पुलिस रिमांड पर लेने का प्रयास किया जाएगा। जिससे लूट की पर लूट व रंगदारी का मामला दर्ज है। इसी कारण पुलिस रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है ताकि लूट की रकम को बरामद किया जा सके।

पत्नी ने एडीजी को लिखा पत्र, पति की हत्या का संदेह जताया

भाजपा नेता आशीष उपाध्याय को पत्नी रचना उपाध्याय ने सोशल मीडिया पर एडीजी कानपुर जोन को पत्र जारी कर पुलिस प्रशासन पर पति की हत्या का संदेह जताया है। रचना ने आरोप लगाया कि जेल में बंद उसके पति पर झूठे और फर्जी तथ्यों के आधार पर सीपरी पुलिस ने मामले में नामित कर दिया है। 13 मई को भेजे पत्र में संदेह जताया कि उसके पति को हाईकोर्ट ने तत्काल रिहा के आदेश पारित किया है। 13 मई को रिलीज आदेश जिला कारागार भेजा गया है अब उसे डर है कि पुलिस प्रशासन उसके पति को सीपरी बाजार थाने में दर्ज मामले के अलावा किसी अन्य केस में नामित कर सकती है। पुलिस प्रशासन उसके पति की हत्या भी कर सकती है।

 



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