एक ही सड़क के लिए नगर निगम ने 9.88 लाख रुपये का टेंडर निकाला, जबकि इसी का निर्माण एमएलसी निधि से पहले ही शुरू करा दिया गया था। सड़क निर्माण में हुए इस दोहराव को लेकर नगर निगम और ग्रामीण अभियंत्रण विभाग (आरईएस) आमने-सामने आ गए हैं। निगम के मुख्य अभियंता ने आरईएस पर बिना एनओसी सड़क बनवाने का आरोप लगाते हुए अधिशासी अभियंता से तीन दिन में जवाब मांगा है। साल भर में दूसरी बार ऐसी नौबत आई है, जब सड़क निर्माण को लेकर दोनों विभागों के बीच विवाद सामने आया है।
नगर निगम के जनकार्य विभाग ने वार्ड 23 लहरगिर्द के राम इन्क्लेव में करीब 90 मीटर लंबी सड़क के निर्माण के लिए 18 अगस्त को निविदा निकाली थी। सड़क निर्माण पर 9.88 लाख रुपये खर्च होने हैं। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक करीब डेढ़ महीने पहले सड़क का सर्वे कराया गया था। सड़क की हालत खराब मिलने पर इसे निर्माण कार्यों की सूची में शामिल किया गया था। इसी बीच एमएलसी रामतीर्थ सिंघल की निधि से इसी सड़क का निर्माण शुरू करा दिया गया। इसकी शिकायत एक भाजपा नेता ने नगर आयुक्त से की। शिकायत में बताया गया कि जिस सड़क के निर्माण के लिए नगर निगम ने टेंडर निकाला है, उसी का निर्माण एमएलसी निधि से कराया जा रहा है।
जेई की जांच के बाद आरईएस को पत्र
शिकायत मिलने के बाद नगर निगम के अधिकारियों ने निर्माण विभाग के जेई को मौके पर भेजकर जांच कराई। जेई की रिपोर्ट के आधार पर मुख्य अभियंता ने आरईएस के अधिशासी अभियंता को पत्र भेजा। इसमें कहा गया कि आरईएस की ओर से नगर निगम से एनओसी लिए बिना सड़क का निर्माण कराया जा रहा है। इससे एक ही कार्य के दोहराव की स्थिति बन रही है। मुख्य अभियंता ने इसे गंभीरता से लेते हुए तीन दिन में इसका कारण स्पष्ट करते हुए आख्या मांगी है।
पिछले साल भी आमने-सामने आए थे दोनों विभाग
छह सितंबर 2025 को भी वार्ड 15 में सड़क निर्माण को लेकर नगर निगम और आरईएस आमने-सामने आ गए थे। तब नगर निगम के एक्सईएन ने आरईएस के अधिशासी अभियंता को पत्र लिखकर कहा था कि 15वें वित्त आयोग के तहत नगर निगम से स्वीकृत सड़क का निर्माण आरईएस की ओर से कराया जा रहा है। इसके लिए नगर निगम से एनओसी भी नहीं ली गई है। पत्र में सड़क को नगर निगम के स्वामित्व में बताते हुए काम तत्काल बंद कराने और एनओसी लेने के बाद ही निर्माण कराने के निर्देश दिए गए थे। हालांकि बाद में आरईएस ने सड़क का निर्माण पूरा करा दिया था।
इनका यह है कहना
नगर निगम सीमा में आने वाली सड़क के निर्माण से पहले आरईएस को एनओसी लेनी चाहिए। बिना एनओसी सड़क का निर्माण कराया जा रहा है, जो नियम विरुद्ध है। निगम ने करीब डेढ़ महीने पहले सर्वे कराकर इस सड़क को निर्माण कार्यों की सूची में शामिल किया था। आरईएस के एक्सईएन से तीन दिन में आख्या मांगी गई है। इसके बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। – राजवीर सिंह, मुख्य अभियंता, नगर निगम
नगर निगम सीमा के अंतर्गत आरईएस की ओर से बनवाई जाने वाली सड़कों की सूचना नगर निगम को दी जाती है। पत्र का जवाब दिया जाएगा। – रजनीश कुमार, एक्सईएन, आरईएस
