अपर मुख्य सचिव डॉ. अमित कुमार घोष ने झांसी व चित्रकूट मंडल के मेडिकल कॉलेजों की निरीक्षण रिपोर्ट की समीक्षा करते हुए झांसी मेडिकल कॉलेज में सुधार की जरूरत बताई है। उन्होंने सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक के डायलिसिस सेंटर, कार्डियो (हृदय रोग) के वार्ड समेत चौथी मंजिल पर सेंट्रल आईसीयू का निरीक्षण किया। अपर मुख्य सचिव ने कहा कि जांच रिपोर्ट के आधार पर सुधार की जरूरत है। सुधार न होने पर जिम्मेदारी तय होगी।
उधर, अपर मुख्य सचिव के मेडिकल कॉलेज आने की सूचना पर कॉलेज प्रशासन की धड़कनें बढ़ी रही। उनके आगमन के दौरान मेडिकल कॉलेज में व्यवस्था चाक-चौबंद रखने के लिए कई टीम लगाई गई थी। क्रेन मंगवाकर इधर-उधर खड़ी गाड़ियां भी हटवाई गईं।
कहा- जब इतने अच्छे आंकड़े तो बच्चों को डिप्थीरिया कैसे
अपर मुख्य सचिव डा.अमित कुमार घोष ने टीकाकरण के आंकड़ों को देखकर कहा कि जब आंकड़ा इतना अच्छा है तो फिर इतने बच्चों को डिप्थीरिया कैसे हो गया। उनके इस सवाल का जवाब स्वास्थ्य अधिकारी भी नहीं दे सके। मिशन निदेशक डॉ. पिंकी जोवल ने कहा जिन बच्चों को डिप्थीरिया हुआ है, उनकी लिस्ट बनाकर जांच की जाए। यह भी पता लगाया जाए कि उनका टीकाकरण हुआ भी था या नहीं। उन्होंने कहा कि आंकड़ों के हिसाब से इतने बच्चे डिप्थीरिया की चपेट में नहीं आने चाहिए। ऐसी स्थिति में आंकड़ों की विश्वसनीयता की जांच कराई जाएगी।
आदर्श परीक्षा भवन का किया शुभारंभ
वहीं, अपर मुख्य सचिव ने राजकीय पैरामेडिकल कॉलेज परिसर में निर्मित आदर्श परीक्षा भवन का शुभारंभ किया। इस दौरान प्राचार्य डॉ. मधुसूदन, एकेडमिक को-ऑर्डिनेटर डॉ. दुष्यंत कुमार और पूर्व मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ. साधना कौशिक आदि मौजूद रहे।
