पिछले करीब पांच साल से कागजों में उलझे हंसारी रेलवे क्रॉसिंग पर प्रस्तावित ओवर ब्रिज को आखिरकार मंजूरी मिल गई। ओवर ब्रिज के बन जाने से बिजौली, राजगढ़, बबीना, ललितपुर की तरफ जाने वालों को सुविधा होगी।
पिछले करीब पांच साल से कागजों में उलझे हंसारी रेलवे क्रॉसिंग पर प्रस्तावित ओवर ब्रिज को आखिरकार मंजूरी मिल गई। ओवर ब्रिज के बन जाने से बिजौली, राजगढ़, बबीना, ललितपुर की तरफ जाने वालों को सुविधा होगी।
झांसी-ललितपुर रोड कई साल पहले फोर लेन हो चुकी है लेकिन हंसारी रेलवे क्रॉसिंग (समपार संख्या 1131) की वजह से यहां अक्सर ही जाम लगता है। इसको देखते हुए वर्ष 2021 में सेतु निगम की ओर से ओवरब्रिज के लिए सर्वे आरंभ किया था लेकिन सेना, रक्षा एवं रेलवे की वजह से मामला बीच में अटक गया था। यह ओवर ब्रिज फोर लेन का बनाया जाना प्रस्तावित था लेकिन आसपास रक्षा की जमीन होने के नाते एनओसी नहीं मिल पा रही थी। सेतु निगम ने ओवरब्रिज बनाने से हाथ खड़े कर दिए थे।
इसके बाद यह पूरा काम रेलवे को सौंपा गया। रेलवे की ओर से प्रारंभिक सर्वे करने के बाद 114.91 करोड़ की लागत से ओवरब्रिज का प्रस्ताव रेलवे बोर्ड को भेजा गया था। बोर्ड में प्रस्ताव भेजने के करीब डेढ़ साल बाद जाकर इसे ओवर ब्रिज को मंजूरी मिली। अफसरों का कहना है कि ओवर ब्रिज करीब 1225 मीटर लंबा होगा। इसका पूरा खर्च रेलवे ही उठाएगा। सांसद अनुराग शर्मा ने रेलवे की ओर से इस प्रोजेक्ट को मंजूर किए जाने पर हर्ष जताते हुए इसके लिए रेलमंत्री को धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने बताया कि इस मांग को लेकर उन्होंने पिछले दिनों रेल मंत्री से मुलाकात की थी, जिसे रेलमंत्री ने मान लिया।