बेसिक शिक्षा परिषद के अधीन संचालित परिषदीय विद्यालयों में अब शनिवार को मस्ती की पाठशाला का आयोजन किया जाएगा। विभाग ने नए शैक्षणिक सत्र के लिए वार्षिक शैक्षिक कैलेंडर जारी कर दिया है, जिसमें छात्रों के समग्र विकास पर विशेष जोर दिया गया है। 50 फीसदी से कम अंक पाने वाले विद्यार्थियों के लिए विशेष अतिरिक्त कक्षाएं आयोजित की जाएंगी। जिससे वह बुनियादी अवधारणाओं को मजबूत कर सकें।

जिले के 1395 परिषदीय विद्यालय हैं। इनमें से 307 कंपोजिट विद्यालय, 831 प्राथमिक विद्यालय और 257 जूनियर हाईस्कूल हैं। इन विद्यालयों में पढ़ने वाले करीब 1.09 बालक-बालिकाएं शिक्षा ग्रहण कर रही हैं। विभाग के नए कैलेंडर के अनुसार, हर सप्ताह शनिवार को विद्यार्थियों के लिए मनोरंजक और शिक्षा प्रद गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इन गतिविधियों का उद्देश्य पठन-पाठन को बोझ न बनाकर आनंददायक बनाना है। खासतौर पर हर महीने के अंतिम शनिवार को बाल मनोविज्ञान पर आधारित विभिन्न गतिविधियां जैसे खेल, कहानी-कथन, चित्रकला, संगीत और समूह चर्चा का आयोजन होगा। स्कूल में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं के मानसिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए हर सप्ताह नियमित काउंसलिंग सत्र अनिवार्य किए हैं। शिक्षक छात्रों की व्यक्तिगत समस्याओं, पढ़ाई संबंधी कठिनाइयों और भावनात्मक मुद्दों पर चर्चा करेंगे।

परिषदीय स्कूलों में पाठन कौशल बढ़ाने के लिए हर सप्ताह एक दिन रीडिंग डे के रूप में मनाया जाएगा। इस दिन छात्रों को पुस्तकालय समय दिया जाएगा और विभिन्न प्रकार की पुस्तकों के साथ पढ़ने का अभ्यास कराया जाएगा। इससे बच्चों का मानसिक विकास होगा। किताब से हट कर बच्चों को शिक्षा दी जाएगी।

यह बदलाव छात्रों में पढ़ाई के प्रति रुचि बढ़ाने, उनकी रचनात्मकता को निखारने के लिए किए गए हैं। नए कैलेंडर को सभी परिषदीय विद्यालयों में तुरंत लागू करने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। स्कूल खुलने के बाद इसे लागू किया जाएगा। विपुल शिव सागर, बीएसए



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