झांसी। आईजीआरएस रैंकिंग में इस बार झांसी की प्रदेश स्तरीय रैंक में 46 पायदान का सुधार हुआ है। जनपद को 22वां स्थान मिला है। इस बार शासन स्तर से लिए गए फीडबैक में 13.94 प्रतिशत का सुधार हुआ है।
दिसंबर 2025 में झांसी की आईजीआरएस रैंकिंग 31वीं थीं। 2026 की शुरुआत होते ही आईजीआरएस रैंकिंग की स्थिति बिगड़नी शुरू हो गई। पिछले सात महीने में दो बार छोड़ दें तो जिले की रैंकिंग 50 के पार ही रही। दो बार तो ऐसी स्थिति आई जब रैंकिंग इतनी फिसल गई कि जनपद की गिनती अंतिम 10 फिसड्डी जिलों में होने लगी। हालांकि, इस बार जनपद ने आईजीआरएस रैंकिंग में लंबी छलांग लगाई है। बताया गया कि जनपद में 140 में 122 अंक प्राप्त हुए हैं। शिकायतों की मार्किंग में जिले को 10 अंक मिले हैं। जबकि, डिफाल्टर संदर्भों का प्रतिशत मात्र 0.53 रहा और इस मद में 19 अंक प्राप्त हुए हैं।
शासन स्तर से लिए गए आवेदकों के फीडबैक में 5611 मामलों में 3589 शिकायतकर्ताओं ने निस्तारण पर संतोष जताया है। ऐसे में संतोषजनक फीडबैक का प्रतिशत 69.96 रहा है, जिसके लिए 18 अंक मिले हैं। जबकि, पिछले महीने 50.02 फीसदी ही संतोषजनक फीडबैक रहा था। इसी तरह, अधीनस्थ अधिकारियों के रैंडम श्रेणीकरण, अनुमोदन कार्रवाई, संदर्भ फीडिंग और भौतिक सत्यापन जैसे मानकों पर भी झांसी का प्रदर्शन शानदार रहा है।
इस साल जिले की सर्वश्रेष्ठ रैंकिंग
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जनपद रैंक
जनवरी 48
फरवरी 51
मार्च 49
अप्रैल 69
मई 57
जून 52
जुलाई 68
वर्जन..
इस बार प्रदेश में झांसी की 22वीं आईजीआरएस रैंक आई है। जिलाधिकारी के निर्देशन में बेहतर काम होने से रैंकिंग में सुधार हुआ है। आने वाले समय में रैंकिंग और सुधरेगी। – योगेंद्र कुमार, प्रभारी अधिकारी, आईजीआरएस।
