झांसी। छात्रसंघ चुनाव बहाल कराने की मांग को लेकर 17 साल पहले प्रदर्शन के दौरान आत्महत्या की धमकी देने के आरोप में कांग्रेस नेता राहुल गुप्ता और नितिन बाजपेयी को अदालत ने दोषमुक्त कर दिया। न्यायिक मजिस्ट्रेट सिविल जज (जूनियर डिवीजन), एफटीसी अंजली सिंह की अदालत ने पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में दोनों को दोषमुक्त किया।
जानकारी के अनुसार, प्रदेश सरकार की ओर से छात्रसंघ चुनाव पर रोक लगाए जाने के बाद यूथ कांग्रेस ने चुनाव बहाल कराने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया था। इसी क्रम में यूथ कांग्रेस नेता गुदड़ी मोहल्ला निवासी राहुल गुप्ता और सीपी मिशन कंपाउंड, जार पहाड़ निवासी नितिन बाजपेयी ने आठ सितंबर 2007 को बीकेडी कॉलेज के बाहर प्रदर्शन किया था।
पुलिस के अनुसार, सूचना मिलने पर तत्कालीन नवाबाद थाना प्रभारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और प्रदर्शन समाप्त कराया। इसके बाद राहुल गुप्ता और नितिन बाजपेयी के खिलाफ नवाबाद थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। आरोप था कि दोनों ने छात्रसंघ चुनाव बहाल कराने की मांग को लेकर प्रदर्शन के दौरान कोतवाली के पास पानी की टंकी पर चढ़कर आत्महत्या करने की धमकी दी थी। उन्होंने कथित तौर पर कहा था कि यदि जल्द छात्रसंघ चुनाव बहाल नहीं किए गए तो वे पानी की टंकी से कूदकर आत्महत्या कर लेंगे।
पुलिस ने दोनों के खिलाफ धारा 309 के तहत मामला दर्ज कर विवेचना की और आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष दोनों आरोपियों के खिलाफ आरोप साबित करने के लिए पर्याप्त साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर सका। उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने दोनों को दोषमुक्त कर दिया।
