झांसी। जनपद में 55 फीसदी थोक दवा विक्रेताओं का भौतिक सत्यापन बाकी है। अब शासन ने आठ अक्तूबर तक विक्रेताओं को सत्यापन पूर्ण कराने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई शुरू हो सकती है।

जनपद में 740 थोक औषधि लाइसेंस जारी किए गए हैं। इनमें 330 का ही भौतिक सत्यापन पूर्ण हो पाया है। अब औषधि निरीक्षक राहुल कुमार का कहना है कि शासन के निर्देश पर जिले में जारी सभी थोक औषधि लाइसेंसों का भौतिक सत्यापन कराया जा रहा है। सत्यापन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि लाइसेंस के आधार पर वास्तव में दवा कारोबार संचालित हो रहा है और लाइसेंस से जुड़े अभिलेख वास्तविक और नियमानुसार हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि ऐसे लाइसेंसधारक जिनका प्रतिष्ठान वर्तमान में संचालित नहीं है या संबंधित लाइसेंस से वास्तव में दवा कारोबार नहीं किया जा रहा है, वे अनावश्यक रूप से लाइसेंस लंबित न रखें। ऐसे लाइसेंसों को नियमानुसार स्वेच्छा से सरेंडर करने की प्रक्रिया पूरी करने के लिए कहा गया है।

औषधि निरीक्षक ने बताया कि भौतिक सत्यापन के दौरान थोक दवा विक्रेता को लाइसेंस की कॉपी के साथ ही दवा की खरीद-बिक्री का तीन महीने का ब्योरा भी उपलब्ध कराना होगा। तय समयसीमा में सत्यापन न कराने वाले विक्रेताओं को नोटिस जारी किया जाएगा। इसके बाद भी सत्यापन नहीं कराते हैं तो नियमानुसार लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई की जाएगी।

पांच तक दे सकते हैं सरेंडर का आवेदन

जिन कारोबारियों को अपना थोक दवा लाइसेंस सरेंडर करना है, वह पांच अक्तूबर तक अपने लाइसेंस की मूल प्रति और लाइसेंस सरेंडर करने के लिए प्रार्थनापत्र औषधि प्रशासन विभाग के कार्यालय या फिर रामराजा दवा बाजार अध्यक्ष/ महामंत्री को उपलब्ध करा सकते हैं।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *