झांसी। चिरगांव के औपारा गांव में बेतवा नदी में गर्भवती महिला की उतराती लाश मिलने से सनसनी फैल गई। सूचना पर पुलिस पहुंच गई हालांकि छानबीन के दौरान मालूम चला कि बीमारी की वजह से महिला की मौत हो गई थी। परिजनों ने गर्भवती होने से दाह न करके उसका शव नदी में प्रवाहित कर दिया था। किसी वजह से लाश उतराने लगी। हालांकि पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर उसका पोस्टमार्टम कराया। इसके बाद उसे परिजनों को सौंपा।
चिरगांव के औपारा निवासी उमाशंकर की तीन साल पहले झिल्ली (32) से शादी हुई थी। परिजनों ने बताया कि वह झिल्ली लगभग 7 महीने की गर्भवती थी। कुछ समय से वह बीमार थी। 29 सितंबर को उसे दर्द शुरू हो गया। झांसी ले जाने पर उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। शव लेकर वह लोग गांव आ गए। मायके पक्ष के लोग भी आ गए। बुजुर्गों ने कहा कि विवाहिता गर्भवती थी, इस वजह से उसका दाह संस्कार नहीं करना चाहिए। उन लोगों ने यह बात मानकर रामनगर पहुंचकर बेतवा नदी में शव प्रवाहित कर दिया। शुक्रवार को शव उतराने पर वहां खलबली मच गई। सूचना मिलने पर पुलिस भी पहुंच गई। थाना प्रभारी बलराज शाही ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम करवाया गया है। रिपोर्ट आने के बाद उसके मुताबिक कार्रवाई होगी।
