झांसी। पांच दिवसीय बैंकिंग लागू करने की मांग को लेकर शुक्रवार को यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के बैनर तले बैंककर्मी एक दिनी हड़ताल पर रहे। हड़ताल में सरकारी समेत प्राइवेट बैंक कर्मी भी शामिल रहे। जनपद की 238 बैंक शाखाओं में कामकाज पूरी तरह ठप रहा। करोड़ों रुपये के चेक क्लियरिंग हाउस में अटक गए। यूनियन के नेताओं ने हड़ताल की वजह से करीब 800 करोड़ रुपये के बैंकिंग कारोबार के प्रभावित होने का दावा किया है।
ग्वालियर रोड स्थित सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के क्षेत्रीय कार्यालय पर सभी बैंकों के कर्मचारियों ने एकत्र होकर प्रदर्शन किया। इस दौरान बैंककर्मियों ने सरकार की नीतियों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पूर्व में हुए समझौते के मुताबिक सप्ताह में पांच दिनों का कारोबार करने की मांग की। संयोजक अशोक कुमार महावर ने कहा कि दो साल पहले आईबीए और बैंक प्रबंधन के बीच समझाता हुआ था। पांच दिनी कामकाज के बदले बैंकों में सोमवार से शुक्रवार तक रोजाना 40 मिनट अतिरिक्त काम करने का प्रस्ताव था। सरकार इसे लागू करने में टालमटोल कर रही है।
वक्ताओं ने कहा बैंकिंग कार्य तनावपूर्ण हो गया है। ऐसे में इसे पांच दिनी करने की जरूरत है। अध्यक्षता मनोज यादव, आशीष तिवारी ने की। उन्होंने 28, 29 और 30 सितंबर को दोबारा अखिल भारतीय हड़ताल का भी अल्टीमेटम दिया। इस दौरान उप संयोजक जितेंद्र अग्रवाल, संजीव लिटोरिया, जेके गुप्ता, धर्मेंद्र यादव, यशपाल सिंह, मनीष प्रजापति, अमित साहू, दीपेश माहौर, अविनाश चौबे समेत तमाम बैंककर्मी मौजूद रहे।
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निजी बैंक शाखाओं में हड़ताल का आंशिक असर
एसबीआई, एचडीएफसी, एक्सिस बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, यस बैंक, आईडीएफसी बैंक इलाइट शाखा पर हड़ताल का असर नजर नहीं आया। इन बैंक शाखाओं में कामकाज हुआ हालांकि यहां काम बंद कराने के लिए यहां यूनियन नेता पहुंचे लेकिन, यहां कामकाज बंद नहीं हुआ हालांकि इन बैंकों की दूसरी शाखाओं में कामकाज प्रभावित रहा वहीं, यूनियन नेताओं ने हड़ताल को पूरी तरह से सफल होने का दावा किया है।
