ललितपुर। गणेश उत्सव के लिए अब केवल एक सप्ताह का समय बचा है। नगर में पर्व को लेकर उत्साह का माहौल है। कोलकाता से आए मूर्तिकार अमित पाल पिछले तीन महीने से तैयारियों में जुटे हैं। कुछ मूर्तियां पूरी तरह से तैयार हो चुकी हैं, जबकि कलाकार अन्य मूर्तियों को अंतिम रूप दे रहे हैं। भगवान श्रीगणेश की प्रतिमाएं 14 सितंबर को स्थापित की जाएंगी। श्रद्धालुओं में गणेश चतुर्थी पर्व मनाने को लेकर काफी उत्साह देखा जा रहा है। भक्त अपने-अपने तरीके से गणेशोत्सव मनाने की तैयारी में लगे हैं। इस बार मूर्तिकारों ने पांच से आठ फुट तक की मूर्तियां बनाई हैं।
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मूर्ति निर्माण और लागत
इन मूर्तियों की शुरुआती कीमत 1500 रुपये से लेकर 12 हजार रुपये तक निर्धारित की गई है। मूर्तिकारों का कहना है कि मूर्ति बनाने में लगने वाली सामग्री काफी महंगी हो गई है। इसके बावजूद मूर्तियों की उचित कीमत रखी गई है। मूर्ति तैयार करने में लाल, पीला, हरा, काला, सफेद रंग, पीओपी, नारियल रस्सी और लकड़ी जैसी सामग्री का उपयोग होता है। महंगाई के कारण इस साल बड़ी मूर्तियों की तुलना में छोटी मूर्तियां अधिक बनाई जा रही हैं।
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फिलहाल 400 छोटी और 200 बड़ी गणेश मूर्तियों को आकार दिया जा रहा है। ये मूर्तियां आगामी त्योहारों के लिए तैयार की जा रही हैं। इस बार भगवान गणेश की विविध स्वरूप की मूर्तियां सांचे में बनाई जा रही हैं। इन मूर्तियों में गणेश भगवान को चूहे, गरुड़, मोर या पर्वत पर बैठे दिखाया गया है। कुछ मूर्तियों में वे विभिन्न आसनों पर विराजमान हैं। हालांकि, निर्माण सामग्री की कीमतों में वृद्धि हुई है। सामग्री महंगी होने से मूर्तियों की लागत पर असर पड़ना स्वाभाविक है। इससे भक्तों को मूर्तियों के लिए अधिक कीमत चुकानी पड़ सकती है।-सुमित विश्वकर्मा, रामनगर
पहले श्रद्धालु मूर्तियों का आकार देखकर ही खरीदारी करते थे। अब वे सुंदरता, रंग मिलान, कपड़े और सजावट जैसे पहलुओं पर अधिक ध्यान देते हैं। बढ़ती महंगाई भी उनके खरीद के फैसले को प्रभावित कर रही है। वर्तमान में, लगभग 200 मूर्तियां तैयार की जा रही हैं। इनमें से करीब 70 मूर्तियां अपने अंतिम पड़ाव पर हैं। मूर्ति निर्माण की सामग्री महंगी हुई है। इसमें रस्सी, पेंट, पटिया, बांस, सुतली, मुकुट और मिट्टी शामिल हैं। इस लागत वृद्धि के कारण प्रत्येक मूर्ति की कीमत में 100 से 200 रुपये की बढ़ोतरी की गई है।-अमित पाल, चौकाबाग मूर्तिकार कोलकाता
