झांसी। आवासीय कॉलोनियां विकसित करने वाले 15 बिल्डर ले आउट शुल्क जमा न करने की वजह से जेडीए के राडार पर आ गए। इन बिल्डरों पर करीब 5 करोड़ रुपये का भारी-भरकम शुल्क बकाया है। जेडीए ने बिल्डरों के लेआउट प्लान स्वीकृत कर दिए लेकिन, शर्तों के मुताबिक इसके बाद भी निर्धारित फीस का भुगतान नहीं हुआ। अब झांसी विकास प्राधिकरण (जेडीए) ने ऐसे सभी बिल्डरों को नोटिस जारी कर बकाया फीस जमा करने के निर्देश दिए हैं।
जेडीए ने बिल्डरों को सुविधा देते हुए लेआउट फीस एकमुश्त जमा करने के बजाय किस्तों में जमा करने का विकल्प दिया था। इसके बावजूद कई बिल्डरों ने निर्धारित किस्तें भी जमा नहीं कीं। इससे उनका बकाया लगातार बढ़ता गया। वे डिफाल्टर की श्रेणी में आ गए। जेडीए की ओर से जारी नोटिस में बिल्डरों को बकाया किस्त जमा करने का मौका दिया गया है लेकिन, जुलाई महीने में भी भुगतान नहीं किया गया। उपाध्यक्ष हिमांशु गौतम ने कहा कि लेआउट स्वीकृति के बाद निर्धारित शुल्क जमा करना बिल्डरों की जिम्मेदारी है। किस्तों में भुगतान की सुविधा दिए जाने के बावजूद समय से किस्त जमा न करने वाले बिल्डरों को चिन्हित किया गया है। उन्हें नोटिस
दी गई है। बकाया जमा न होने पर आरसी जारी करने के साथ ही उनकी आवासीय कॉलोनी के ले प्लान भी निरस्त किए जाएंगे।