झांसी। बिजली लाइनों पर काम के दौरान सुरक्षा प्रोटोकॉल की अनदेखी कर्मचारियों की जान पर भारी पड़ रही है। दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के झांसी जोन में पिछले दो साल में 14 कर्मचारी करंट की चपेट में आ चुके हैं। इनमें छह की मौत हो गई, जबकि आठ कर्मचारी झुलसकर घायल हुए। विद्युत सुरक्षा विभाग के अनुसार इन हादसों में लाइन पर काम करने से पहले अर्थचेन नहीं डालना प्रमुख वजह रही।

बिजली लाइन में फॉल्ट या खराबी दूर करने से पहले शटडाउन लिया जाता है। इसके बाद संबंधित लाइन पर अर्थचेन डालना अनिवार्य है। इससे शटडाउन के बावजूद किसी दूसरी लाइन के संपर्क में आने पर करंट प्रवाहित होने का खतरा कम हो जाता है। इसके बावजूद कई मामलों में इस सुरक्षा उपाय की अनदेखी की गई।

मंडल में छह कर्मचारियों की जा चुकी जान

विद्युत सुरक्षा विभाग के आंकड़ों के अनुसार दो साल में झांसी जोन के झांसी, ललितपुर और जालौन में छह कर्मचारियों की करंट लगने से मौत हुई। इनमें सिंगार गांव में संविदा कर्मचारी राजेश कुमार, पारीछा में सुंदर सिंह गौतम, जालौन में राघवेंद्र, बबीना में पहलवान राजपूत तथा ललितपुर में हरप्रसाद और उजागर सिंह शामिल हैं।

आठ कर्मचारी झुलसे

इसी अवधि में बरुआसागर के महेंद्र कुशवाहा, बड़ा गांव के कैलाश स्टोन क्रेशर पर हादसे में घायल हुए कर्मचारी, मुस्तरा के हरगोविंद, दुनारा के शुभम कुमार और गुरसराय के सुरेंद्र कुमार समेत आठ कर्मचारी करंट की चपेट में आकर झुलसे।

हादसे के साथ निगम पर आर्थिक बोझ

करंट से होने वाले हादसों का असर कर्मचारियों के परिवार के साथ निगम पर भी पड़ता है। कर्मचारी या अन्य व्यक्ति की करंट से मौत होने पर 10 लाख रुपये तक राहत राशि देने का प्रावधान है। घायल होने पर चोट की गंभीरता के आधार पर राहत राशि दी जाती है। संवाद

अर्थचेन डालना अनिवार्य

सहायक निदेशक, विद्युत सुरक्षा चंद्रभूषण चौबे ने बताया कि लाइन पर काम करने से पहले शटडाउन के बाद अर्थचेन डालना सुरक्षा नियमों का अनिवार्य हिस्सा है। इससे लाइन में करंट आने का खतरा कम होता है। अर्थचेन का इस्तेमाल नहीं करने से कई हादसे हुए हैं।

कैसे होता है अर्थचेन का इस्तेमाल

अर्थ चेन एक लोहे की जंजीर होती है। इसे अगर बिजली की लाइन के तीनों फेज पर डाल देने पर लाइन में कहीं से करंट आ भी जाए, तो करंट यहीं से कट हो जाएगा और जहां कर्मचारी काम कर रहा है, उस तक नहीं पहुंच पाएगा। इससे हादसा नहीं होगा। बिजली के हर पावर हाउस पर उपलब्ध रहती है। हालांकि, लापरवाही के चलते अधिकांश कर्मचारी इसका इस्तेमाल नहीं करते। इसे इस्तेमाल करने के लिए बिजली कर्मचारियों को ट्रेनिंग भी दी जाती है।


वर्जन

हादसों को देखते हुए सभी बिजली कर्मचारियों को कार्य के दौरान अर्थचेन समेत अन्य सुरक्षा उपकरणों का अनिवार्य रूप से इस्तेमाल करने के निर्देश दिए गए हैं। सुरक्षा नियमों का पालन सख्ती से कराया जा रहा है।- ज्ञानेंद्र सिंह, मुख्य अभियंता (वितरण)



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