मंडी परिषद कार्यालय में एंटी करप्शन टीम ने यूं ही कार्रवाई नहीं कि बल्कि मंडी में फैले भ्रष्टाचार की दर्जनों शिकायतें विभिन्न जांच एजेंसियों के पास अभी भी लंबित हैं। इनमें दुकान एवं चबूतरों के आवंटन में अनियमितता से लेकर निर्माण कार्यों में करोड़ों रुपये के गोलमाल के आरोपों की जांच शामिल है। इनमें हुए भ्रष्टाचार के आरोप में कई अफसर एवं कर्मचारी जांच एजेंसियों के राडार पर हैं।
सोमवार दोपहर मंडी परिषद उपनिदेशक शिव कुमार राघव को एंटी करप्शन टीम ने तीस हजार रुपये की रिश्वत लेते पकड़ लिया था। मंगलवार को भी इसकी दहशत मंडी कर्मियों में दिखी। कार्यालय के भीतर उपनिदेशक के स्टोनो समेत अन्य कर्मचारी नदारद रहे वहीं, सचिव कार्यालय में दिन भर कल के घटनाक्रम पर ही चर्चा चलती रही। विभागीय सूत्रों के मुताबिक दुकान एवं चबूतरा आवंटन, सिक्स आर की रसीट के बगैर वाहन बाहर भिजवाने से लेकर निर्माण कार्यों में अनियमितताओं की दर्जनों शिकायतें आला अफसरों तक पहुंची हैं। 27 अगस्त को नवाबाद थाने में 5.49 करोड़ रुपये के घपला के आरोप में तत्कालीन अधीक्षण अभियंता गोपाल शंकर, उपनिदेशक एसएनपी यादव, उपनिदेशक हाकिम सिंह, उपनिदेशक केके गुप्ता, उपनिदेशक अकरम खान, उपनिदेशक जितेंद्र यादव, उपनिदेशक मृदुल मधुकांत एवं सुरेश चंद्र गोयल के खिलाफ रिपोर्ट भी दर्ज कराई जा चुकी। विभागीय सूत्रों का कहना है इस तरह के गंभीर वित्तीय अनियमितताओं के कई मामलों की जांच चल रही है। एंटी करप्शन एवं विजिलेंस टीम के पास भी शिकायतें पहुंची हैं।
उपनिदेशक को भेजा गया जेल
एंटी करप्शन टीम के हत्थे रिश्वत लेते पकड़ा गया उपनिदेशक शिव कुमार राघव को मंगलवार को लखनऊ स्थित विशेष न्यायालय में पेश किया गया। कोर्ट ने आरोपी उपनिदेशक को जेल भेज दिया अभी शिव कुमार की जगह किसी नए उपनिदेशक की तैनाती नहीं की गई है। आरोपी के खिलाफ सोमवार को ही सीपरी बाजार थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।
