कोतवाली पुलिस ने केनरा बैंक के अधिकारी और कर्मचारी के खिलाफ लोन के नाम पर धोखाधड़ी करने की एफआईआर दर्ज की है। यह कार्रवाई पनकी बी ब्लॉक निवासी प्रबोध सिंह की तहरीर पर हुई। उनका आरोप है कि उन्होंने उप्र आवास एवं विकास परिषद लखनऊ योजना में तीन फ्लैटों के लिए लोन लिया था। लोन की कुछ रकम परिषद में जमा नहीं कराई गई जबकि वह हर माह लोन की किस्त जमा कर रहे हैं।
प्रबोध सिंह की ओर से दर्ज एफआईआर के मुताबिक 2013-14 में उन्हें उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद की अवध बिहार लखनऊ योजना में तीन फ्लैट आवंटित हुए थे। उन्होंने फ्लैट की बुकिंग के लिए अपने पास से रकम परिषद को दे दी जबकि शेष बची राशि के लिए 2015 में केनरा बैंक रिटेल एसेट हब से करीब 92 लाख रुपये का हाउसिंग लोन लिया था। लोन की किस्त हर महीने कटने लगी।
आरोप है कि वह 2016 में फ्लैटों की रजिस्ट्री कराने के लिए उप्र आवास एवं विकास परिषद लखनऊ के कार्यालय गए। वहां पता चला कि लोन के लगभग 36 लाख रुपये जमा नहीं किए गए। इस वजह से उनको फ्लैट भी नहीं मिल सके। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से शिकायत की जिसकी जांच के आधार पर अज्ञात बैंक अधिकारी व कर्मचारी के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट हुई। कोतवाली इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद पांडेय ने बताया कि जांच कराई जा रही है। बैंक अधिकारी व कर्मचारी की डिटेल निकलवाई जा रही है।