पुलिस महकमे में जूनियर और सीनियर का घमासान शुरू हो गया है। जूनियर के अधीनस्थ काम करने से इन्कार करते हुए एक इंसपेक्टर ने इस्तीफा दे दिया है। इंस्पेक्टर ने डीसीपी के पेशकार को प्रार्थना पत्र देकर काम न करने की अनुमति मांगी है। हालांकि इंस्पेक्टर के फैसले पर अभी कोई निर्णय नहीं लिया गया है लेकिन इससे अधिकारियों में उथल-पुथल मची हुई है।


बता दें कि करीब दो साल पहले गांजा तस्कर को पकड़े जाने के मामले से चर्चा में आए काकादेव थाने के तत्कालीन प्रभारी विनय शर्मा को कुछ समय पूर्व ही क्राइम ब्रांच भेजा गया है। हाल ही में उन्हें साइबर थाने से अटैच किया गया है। इसी पर विनय ने एतराज जताया है। उनका कहना है उन्हें 2023 के बाद लगातार बेवजह इधर-उधर स्थानांतरित किया जा रहा है।

इसी कड़ी में अब उन्हें साइबर थाने भेजा जा रहा है। साइबर थाना प्रभारी 2013 बैच के हैं जबकि वह 2005 बैच के हैं। इस तरह वह प्रभारी से सीनियर हैं तो उनके अधीनस्थ कैसे काम कर सकते हैं। लिहाजा महकमे में काम ही न करने की अनुमति मांगी है। गुरुवार को मामले ने जब सोशल मीडिया पर तूल पकड़ा तो डीसीपी के निर्देश पर तत्काल ही एक आईपीएस ने विनय को तलब कर उनकी समस्या सुनीं।



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