केजीएमयू में धर्मांतरण रैकेट की आशंका में गिरफ्तार फर्जी डॉक्टर हस्साम अहमद ने राजधानी के कई मेडिकल संस्थानों में गहरी पैठ बना रखी थी। वह अक्सर अलग-अलग संस्थानों के चिकित्सकों से मिलने जाता था। चिकित्सक छात्राओं से आरोपी का परिचय डॉक्टर के रूप में कराते थे।
सूत्रों का कहना है कि ऐसे सभी मेडिकल संस्थानों की सूची तैयार की जा रही है, जहां हस्साम अहमद ने जाल बिछा रखा था। सभी संस्थानों को नोटिस जारी किया जाएगा। बताया जा रहा है कि आरोपी ने कुछ जाली दस्तावेज भी बनवा रखे थे। यह इनपुट सामने आने के बाद पुलिस आरोपी के शैक्षिक दस्तावेजों की जांच करेगी। ये जाली दस्तावेज तैयार करने वालों का भी पता लगाया जा रहा है। हालांकि, आरोपी ने अभी अपने मददगारों के नाम नहीं बताए हैं। कॉल डिटेल रिकॉर्ड और व्हाट्सएप चैट के आधार पर पुलिस ने कुछ लोगों को चिह्नित किया है। इसी आधार पर करीबियों से पूछताछ होगी।
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फोन बंद कर भूमिगत हुए मददगार: हस्साम को कथित डॉक्टर के रूप में स्थापित करने वाले उसके मददगारों ने फोन बंद कर भूमिगत हो गए हैं। पुलिस की एक टीम ने आरोपी के मड़ियांव के अजीजनगर स्थित घर में भी छानबीन की है। परिजनों से भी पूछताछ की। आरोपी के घरवालों ने उसकी हरकतों की जानकारी से इन्कार किया है। हालांकि, पुलिस का कहना है कि साक्ष्य जुटाने के बाद प्राथमिकी में धाराएं बढ़ाई जाएगी।
खंगाले जा रहे बैंक खाते: धर्मांतरण की आशंका के बाद पुलिस ने हस्साम के बैंक खातों का ब्योरा भी निकलवाया है। यह पता लगाया जा रहा है कि आरोपी के खातों में कहां से रुपये आए हैं। जेल में बंद धर्मांतरण और यौन शोषण के आरोपी केजीएमयू के रेजिडेंट डॉ. रमीज से लेनदेन की दिशा में भी छानबीन की जा रही है।
आरोपी का पासपोर्ट जब्त: पुलिस ने आरोपी के विदेश यात्रा की जांच के लिए उसका पासपोर्ट जब्त कर लिया है। यह पता लगाया जा रहा है कि उसने किन देशों की यात्रा की थी। आरोपी के विदेश में रह रहे परिचितों का ब्योरा भी खंगाला जा रहा है।
