एनसीआर, कानपुर, लखनऊ समेत अन्य शहरों में पुलिस को छकाने के बाद किडनी के अवैध ट्रांसप्लांट का मास्टरमाइंड रोहित तिवारी छोटी सी गलती से पकड़ा गया। वह किसी भी तरह से इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का उपयोग नहीं कर रहा था, लेकिन गर्लफ्रेंड से और दिल्ली के नर्सिंगहोम संचालक से व्हाट्सएप कॉलिंग के माध्यम से जुड़ा था।
इसी के चलते पुलिस पहले उसकी गर्लफ्रेंड और नर्सिंगहोम संचालक तक पहुंची। उनसे मिले सुराग से उसे शहर में गिरफ्तार कर लिया गया। सोमवार को वह कल्याणपुर के इंदिरानगर में अधिवक्ता के घर जाने की तैयारी में था तभी पकड़ा गया। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक रोहित कभी किसी को सामान्य कॉल नहीं करता था। केवल वॉट्सएप कॉलिंग या अन्य किसी एप की मदद से ही कॉल कर रहा था।
