रायबरेली। गेहूं की बोआई के पहले खाद के साथ खेतों की सिंचाई को लेकर किसानाें की परेशानी बढ़ रही है। जिले में नहरों का जाल बिछा है लेकिन उनकी सफाई अभी तक नहीं कराई गई। इससे जरूरत के समय नहरों में पानी पहुंचना मुश्किल लग रहा है।
गेहूं की बोआई से पहले खेतों को तैयार करने के लिए किसान पानी का इंतजार कर रहे हैं। नहरों में समय से पानी नहीं पहुंचा तो गेहूं की बोआई पिछड़ने का डर सता रहा है। जिले में शारदा नहर खंड उन्नाव की 64 नहरें हैं।
इन नहरों से लालगंज, सरेनी, खीरों और भोजपुर क्षेत्र के करीब एक लाख किसान खेतों की सिंचाई करते हैं। शासन ने 30 नवंबर तक नहरों की सफाई कराने के बाद पानी छोड़ने के साथ निर्देश दिए हैं। इससे किसान को समय से गेहूं की बोआई करने में सहूलियत होगी।
शासन के निर्देश के बाद भी उन्नाव खंड की नहरों की अभी तक सफाई नहीं हो सकी है। भोजपुर व उसरू माइनर, खजूर गांव रजबहा के साथ कई नहरों की सफाई का काम अभी तक शुरू ही नहीं कराया गया है। इन हालात में किसानों को समय से पानी मिलना मुश्किल लग रहा है।
क्षेत्र के मोइन खान, जतिन, रामपाल, संजय कुमार, इमरान आदि किसानों ने बताया कि छतौना, तालकटैला, रानीखेड़ा, राजापुर, भोजपुर, दलीपुर, गोसाई खेड़ा समेत कई गांवाें में नहरों के पानी के भरोसे ही खेतों की सिंचाई होती है। पानी के अभाव में अभी तक किसान गेहूं की बोआई के लिए खेत तैयार नहीं कर सके हैं। यही हाल रहा तो बोआई पिछड़ जाएगी।
नहरों में समय से पहुंचेगा पानी
नहरो की सफाई का काम तेजी से चल रहा है। नहरों में समय से पानी पहुंचाया जाएगा।
-शैलेश सिंह, एक्सईएन, शारदा नहर खंड उन्नाव
