राजधानी लखनऊ में जाली नोटों का कारोबार करने वाले तीन जालसाजों को सोमवार रात मड़ियांव पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से 13,95,600 रुपये मूल्य के जाली नोट बरामद हुए हैं। इनके खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) के तहत कार्रवाई की तैयारी चल रही है।
डीसीपी नॉर्थ गोपाल कृष्ण चौधरी ने बताया कि मुखबिर की सूचना पर घैला इलाके से यह गिरफ्तारी हुई। आरोपियों की पहचान आजमगढ़ के जहानागंज थाना क्षेत्र के गंभीरवन निवासी आलोक सिंह, मुबारकपुर क्षेत्र के रामपुर मुबारकपट्टी बनकट निवासी सोनू गौड़ और सिधारी क्षेत्र के सारगढ़ निवासी बृजेश विश्वकर्मा के रूप में हुई है।
बरामद नोटों में 100 रुपये के 6,946 और 500 रुपये के 1,402 जाली नोट शामिल हैं। पुलिस ने एक मोबाइल फोन भी बरामद किया है। मड़ियांव थाने में आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। डीसीपी ने पुलिस टीम को 10 हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की है। साथ ही आरोपियों के खिलाफ एनएसए के तहत कार्रवाई के निर्देश भी दिए हैं।
सरगना मंजीत प्रधान का बताया नाम
मड़ियांव इंस्पेक्टर शिवानंद मिश्र ने बताया कि पूछताछ में आरोपियों ने आजमगढ़ निवासी मंजीत प्रधान को गिरोह का सरगना बताया। आरोपियों के अनुसार, मंजीत प्रधान ही घर में नकली नोट तैयार करता है। डीसीपी ने पुष्टि की है कि मंजीत प्रधान को भी इस मामले में आरोपी बनाया गया है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीम आजमगढ़ भेजी गई है।
पांच लाख के असली नोट के बदले देते थे 15 लाख के जाली नोट
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे लंबे समय से जाली नोटों का कारोबार कर रहे हैं। पांच लाख रुपये के असली नोट के बदले वह 15 लाख रुपये के जाली नोट देते थे। डीसीपी ने कहा कि इस गिरोह की पूरी चेन का पता लगाया जा रहा है। आरोपी लखनऊ में जाली नोट खपाने आए थे। पुलिस बरामद मोबाइल फोन से मिले सुरागों पर भी काम कर रही है।
