लखनऊ। दिवाली पर पटाखों से होने वाले हादसों से निपटने के लिए राजधानी के प्रमुख सरकारी अस्पतालों में अलर्ट जारी कर दिया गया है। केजीएमयू, लोहिया संस्थान, बलरामपुर, सिविल और लोकबंधु अस्पताल में करीब 100 बेड आरक्षित किए गए हैं।
इमरजेंसी, आईसीयू और बर्न यूनिट में 24 घंटे इलाज की व्यवस्था की गई है। डॉक्टरों के साथ नर्सिंग और पैरामेडिकल स्टाफ की ड्यूटी भी लगा दी गई है। पटाखों से जलने, आंखों में चोट, हाथ-पैर में जख्म और सड़क हादसों के मरीजों को देखते हुए प्लास्टिक सर्जरी, जनरल सर्जरी, हड्डी रोग, ईएनटी और नेत्र रोग विशेषज्ञों को अलर्ट पर रखा गया है।
बलरामपुर अस्पताल के सीएमएस डॉ. हिमांशु चतुर्वेदी ने बताया कि इमरजेंसी में 20 बेड आरक्षित किए गए हैं। सभी जरूरी विशेषज्ञों के साथ नर्सिंग और पैरामेडिकल स्टाफ की ड्यूटी लगाई गई है। वहीं, सिविल अस्पताल के निदेशक डॉ. जीपी गुप्ता के मुताबिक, 25 बेड आरक्षित किए गए हैं। गंभीर मरीजों के इलाज के लिए जरूरी जांचों की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी।
लोहिया संस्थान के प्रवक्ता डॉ. भुवन चन्द्र तिवारी ने बताया कि इमरजेंसी में 10 बेड आरक्षित हैं। अनहोनी की स्थिति में घायलों को तत्काल इलाज मुहैया कराया जाएगा। केजीएमयू के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुरेश कुमार के अनुसार, ट्रॉमा सेंटर में 15 बेड आरक्षित किए गए हैं। यहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की ड्यूटी के साथ जरूरी दवाओं और जांचों की व्यवस्था की गई है।

