लखनऊ। पाॅलीटेक्निक से कमता के बीच शनिवार को हालात बदले हुए नजर आए। डग्गामार वाहनों के खिलाफ पुलिस ने चेकिंग अभियान चलाया। 11 वाहनों का चालान किया गया। दो बसें व सात कारें सीज की गईं।
दरअसल, अमर उजाला ने पॉलीटेक्निक चौराहे के कमता तक डग्गामारी का मुद्दा उठाकर अभियान शुरू किया है। इसके जरिये पाॅलीटेक्निक से गोरखपुर, अयोध्या आदि रूटों पर चलने वाले चार पहिया डग्गामार वाहनों के सिंडिकेट का खुलासा किया गया था। वाहनों को लगाने के नाम पर प्रतिमाह 21 साै व रोजाना 300 रुपये लिए जाते हैं। 900 डग्गामार वाहनों से 1.25 करोड़ रुपये प्रतिमाह वसूले जाते हैं। खास बात यह है कि यह सिंडिकेट पाॅलीटेक्निक पर बने पिंक बूथ के पीछे से संचालित हो रहा है। परिवहन व ट्रैफिक पुलिस की शह पर सिंडिकेट काम कर रहा है।
मामले को गंभीरता से लेते हुए शनिवार को ट्रैफिक पुलिस ने चेकिंग अभियान चलाया। एसीपी ट्रैफिक विकास पांडेय ने बताया कि डग्गामार वाहनों के खिलाफ लगातार चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। शनिवार को 11 वाहनों का चालान किया गया। जबकि दो बसों व सात आर्टिगा सीज की गईं। इसके अतिरिक्त अक्तूबर में 3597 वाहनों का चालान किया गया। इसके अलावा 59 वाहन सीज किए गए और साै डग्गामार वाहनों पर कार्रवाई की गई।

पुलिस की सख्ती से सड़क पर पसरा सन्नाटा।

पुलिस की सख्ती से सड़क पर पसरा सन्नाटा।

पुलिस की सख्ती से सड़क पर पसरा सन्नाटा।

पुलिस की सख्ती से सड़क पर पसरा सन्नाटा।

पुलिस की सख्ती से सड़क पर पसरा सन्नाटा।

पुलिस की सख्ती से सड़क पर पसरा सन्नाटा।

पुलिस की सख्ती से सड़क पर पसरा सन्नाटा।

पुलिस की सख्ती से सड़क पर पसरा सन्नाटा।

