एसजीपीजीआई में हर सोमवार चलेगी विशिष्ट क्लीनिक
माई सिटी रिपोर्टर
लखनऊ। एसजीपीजीआई में अब मनोचिकित्सक और दवाओं के माध्यम से शराब की लत छुड़ाई जाएगी। इसके लिए संस्थान के हेपेटोलॉजी विभाग में हर सोमवार को विशिष्ट क्लीनिक चलाई जाएगी। इस क्लीनिक में रोगियों को हेपेटोलॉजिस्ट के साथ-साथ मनोचिकित्सकों द्वारा दवा, परामर्श और नशामुक्ति सेवाओं के रूप में संयुक्त चिकित्सा सेवा दी जाएगी। अभी तक पूरे प्रदेश में ऐसी क्लीनिक नहीं है।
हेपेटोलॉजी के विभागाध्यक्ष प्रो. अमित गोयल ने बताया कि शराब के नियमित सेवन से लिवर सिरोसिस रोग होता है। लिवर सिरोसिस और लिवर खराब होने के बावजूद बड़ी संख्या में लोग शराब का सेवन बंद करने में विफल रहते हैं, क्योंकि वे एक ऐसी स्थिति विकसित कर लेते हैं जिसे अल्कोहल डिपेंडेंस कहा जाता है। भारत में करीब चार फीसदी भारतीय शराब पर निर्भर हैं। ऐसे रोगियों की मदद के लिए यह क्लीनिक शुरू की जा रही है। हेपेटोलॉजी ओपीडी का पंजीकरण इसी विभाग में किया जाएगा। उनके अनुसार इस तरह की साझा सुविधा वाला यह पहला केंद्र है।
