लखनऊ। होमगार्ड भर्ती के दौरान अभ्यर्थी योगेंद्र सिंह की मौत के मामले में पुलिस ने उस अभ्यर्थी से पूछताछ की है जिससे योगेंद्र की बहस हुई थी। इसके अलावा घटना के वक्त मौजूद कई लोगों के बयान भी दर्ज किए गए हैं।

एसीपी महानगर अंकित वर्मा ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज में दोनों के बीच बहस दिखाई दे रही है। पूछताछ में अभ्यर्थी ने बताया कि दौड़ के परिणाम के संबंध में योगेंद्र से उसकी बहस हुई थी। इसके बाद वह वहां से चला गया और उसे योगेंद्र के साथ हुई घटना की जानकारी नहीं है। पुलिस ने उसका बयान दर्ज कर लिया है। सीसीटीवी फुटेज में योगेंद्र के आसपास मौजूद अभ्यर्थियों की पहचान की जा रही है। जल्द ही सभी के बयान दर्ज किए जाएंगे।

जांच में सबसे अहम कड़ी 2 मिनट 6 सेकंड का डार्क एरिया है। इस अवधि में क्या हुआ, इसकी जानकारी अभी पुलिस को नहीं मिल सकी है। पुलिस को आशंका है कि इसी दौरान योगेंद्र के साथ कोई अनहोनी हुई हो सकती है।

एफएसएल और मेडिको-लीगल राय का इंतजार

एसीपी के मुताबिक, मामला पेचीदा है और सभी संभावित पहलुओं की जांच की जा रही है। योगेंद्र के गले से मिली 250 एमएल की प्लास्टिक बोतल को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर स्टेट मेडिको-लीगल सेल से भी राय मांगी गई है। एफएसएल रिपोर्ट और मेडिको-लीगल राय मिलने के बाद जांच की दिशा और स्पष्ट होगी।

मोबाइल खंगाला जा रहा

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, योगेंद्र के मोबाइल फोन की साइबर क्राइम टीम गहन जांच कर रही है। टीम फोन से जुड़े कंटेंट और हाल के दिनों में किए गए इंटरनेट सर्च की जानकारी जुटा रही है।

यह है मामला

15 सितंबर को महानगर स्थित 35वीं वाहिनी पीएसी ग्राउंड में होमगार्ड भर्ती की दौड़ के दौरान सीतापुर के रामकोट के मढ़िया रहीमपुर निवासी योगेंद्र की संदिग्ध हालात में मौत हो गई थी। पोस्टमार्टम में गले में 250 एमएल की प्लास्टिक पानी की बोतल फंसने को मौत का कारण बताया गया था। शरीर पर 12 चोट के निशान भी मिले थे। इसके आधार पर योगेंद्र के भाई कमल किशोर ने 19 सितंबर को महानगर थाने में हत्या की एफआईआर दर्ज कराई थी।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *