लखनऊ। शमन आवेदन की आड़ में अवैध निर्माण बचाने वाले बिल्डरों और भवनस्वामियों पर अब एलडीए सख्त कार्रवाई करेगा। एलडीए वीसी प्रथमेश कुमार ने मंगलवार को समीक्षा बैठक में ऐसे मामलों को चिह्नित कर एक सप्ताह के भीतर निर्माण सील करने के निर्देश दिए। इसके बाद नियमानुसार ध्वस्तीकरण की कार्रवाई भी की जाएगी।
वीसी ने बताया कि समीक्षा में सामने आया कि कुछ बिल्डरों ने प्रवर्तन कार्रवाई से बचने के लिए ऑनलाइन शमन आवेदन तो कर दिया, लेकिन निर्धारित शुल्क जमा नहीं किया। कई मामलों में सही मानचित्र भी प्रस्तुत नहीं किए गए। अधिकारियों के संपर्क करने के बावजूद संबंधित भवनस्वामी लंबे समय से टालमटोल कर रहे हैं। ऐसे सभी प्रकरणों को चिह्नित कर अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं।
एलडीए अधिकारियों के मुताबिक पहले चरण में ऐसे निर्माणों को सील किया जाएगा। इसके बाद विहित प्राधिकारी न्यायालय में प्रभावी पैरवी कर नियमानुसार ध्वस्तीकरण की कार्रवाई कराई जाएगी। वहीं, जिन भवनस्वामियों ने नियमानुसार फ्लोर एरिया रेशियो (एफएआर) खरीदने और शुल्क जमा करने पर सहमति जताई है, उनके मामलों का जल्द निस्तारण किया जाएगा। इससे शमन मानचित्र भी शीघ्र जारी किए जा सकेंगे।
अब ऑनलाइन दर्ज कर सकेंगे आपत्ति-सुझाव
एलडीए भू-उपयोग परिवर्तन के मामलों में ऑनलाइन आपत्ति और सुझाव दर्ज करने की सुविधा शुरू करेगा। अभी समाचार पत्रों में विज्ञापन के जरिये प्रार्थना पत्र लेकर सुझाव लिए जाते हैं। नई व्यवस्था में लोग एलडीए की वेबसाइट पर ऑनलाइन टिप्पणी के साथ संबंधित दस्तावेज भी अपलोड कर सकेंगे। इससे पत्रावलियों के कई पटलों पर घूमने से लगने वाला समय कम होगा और प्रक्रिया तेज होगी।
