रेलवे की पार्सल बोगी में फर्जी कागजात से माल दूसरे राज्यों में भेजकर जीएसटी चोरी के बड़े खेल का भंडाफोड़ हुआ है। ट्रांसपोर्टर के साथ जीएसटी अधिकारियों की मिलीभगत भी सामने आई है। 42 लाख के माल को 2 लाख रुपये का दर्शाकर पार्सल से भेजने की शासन में शिकायत पर विजिलेंस जांच हुई। आरोप की पुष्टि होने पर सोमवार को तीन जीएसटी अधिकारी और ट्रांसपोर्टर के खिलाफ विजिलेंस थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई।

इसकी वर्ष 2023 में शासन में शिकायत हुई थी। इसके मुताबिक शिकायतकर्ता रवि गांधी ने 29 सितंबर और 7 अक्तूबर 2022 को सचल दल पंचम के प्रभारी सहायक आयुक्त संदीप कुमार सिंह और वाणिज्य कर अधिकारी देवेश पांडेय को बताया कि आगरा फोर्ट स्टेशन पर एक रेलवे बोगी माल वाहक बुक हुई। इससे जीएसटी चोरी कर माल को अवध एक्सप्रेस से बांद्रा टर्मिनल रेलवे स्टेशन भेजा जा रहा है। यह काम ट्रांसपोर्टर असलम कुरैशी कर रहे हैं।

जानकारी पर सचल दल पंचम के अधिकारी सहायक आयुक्त संदीप कुमार सिंह, वाणिज्य कर अधिकारी देवेश पांडेय और सतीश चंद्र आगरा फोर्ट पहुंचे थे। उन्होंने शिकायतकर्ता को बताया कि बोगी खाली है, जबकि रेलवे विभाग के अभिलेख के अनुसार, बोगी को 29 सितंबर 2022 को सुबह 9:15 बजे से रात 11.40 बजे तक के लिए लोड किया गया है। बाद में रवि गांधी ने फिर से कई काल किए। बताया कि माल बोगी में भरा जा रहा है। मगर सचल दल पंचम ने कोई कार्रवाई नहीं की। इस वजह से माल आगरा फोर्ट से बांद्रा टर्मिनल भेज दिया गया।

जांच में पता चला कि ट्रांसपोर्टर ने पार्सल बोगी से भेजे माल की कीमत 2 लाख रुपये दर्शाई थी, जबकि जीएसटी विभाग की जांच में माल की कीमत 42 लाख रुपये होना पाया गया। जांच में खुलासा हुआ कि ट्रांसपोर्टर ने जीएसटी चोरी कर माल को दूसरे राज्य में भेजा। सूचना के बाद भी अधिकारियों ने कोई कार्रवाई नहीं की। इससे सरकार को राजस्व की क्षति पहुंचाई। आरोपी सहायक आयुक्त संदीप कुमार गाजीपुर, वाणिज्य कर अधिकारी देवेश पांडेय प्रतापगढ़ और सतीश चंद्र अमरोहा के रहने वाले हैं। वर्तमान में सभी दूसरे जिलों में तैनात हैं।

जूते, आयरन चेन, ब्रश और पेठा भेजा गया था

ज्योति नगर, इंद्रपुरम निवासी असलम कुरैशी ट्रांसपोर्टर है। 25 साल से यह कार्य कर रहा था। विवेचक ने ट्रेन से भेजे गए माल को 2 लाख रुपये का दिखाया जबकि रेलवे के प्रपत्र के अनुसार, माल में 300 बॉक्स जूते, 100 बोरी आयरन चेन थीं। एक बॉक्स में 40 जोड़ी जूते रखे हुए थे। प्रत्येक बोरी में 60 किलोग्राम आयरन चेन थीं। विजिलेंस ने माल की कीमत का आकलन किया। इसमें पता चला कि 42 से 45 लाख रुपये प्रति बोगी माल की कीमत थी। जीएसटी के मुताबिक, प्रति जोड़ी जूते की कीमत 250 रुपये पता चली। इस हिसाब से 300 बॉक्स माल 30 लाख रुपये का हो गया। 100 बोरी आयरन चेन की कीमत 12 लाख रुपये मानी गई। माल भाड़े के रूप में 90 हजार तक अदा किए गए।

आरोपियों की संपत्ति की भी होगी जांच

पुलिस अधीक्षक विजिलेंस आलोक शर्मा ने बताया कि निरीक्षक अशोक कुमार ने जीएसटी के सहायक आयुक्त संदीप कुमार सिंह, वाणिज्य कर अधिकारी देवेश पांडेय, सतीश चंद्र और ट्रांसपोर्टर असलम कुरैशी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। इसमें धोखाधड़ी, फर्जी दस्तावेज तैयार करने, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा लगाई गई हैं। मामले में साक्ष्य संकलन कर कार्रवाई की जाएगी। आरोपियों की संपत्ति की भी जांच होगी। 

 



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