लखनऊ। बदलते पारिवारिक मूल्यों और बुजुर्ग माता-पिता के प्रति घटती संवेदनशीलता पर केंद्रित नाटक ”क्रियाकर्म ट्वेंटी फोर सेवन: एक द रेट जीमेल डाट काम” का मंगलवार शाम को कैसरबाग स्थित राय उमानाथ बली प्रेक्षागृह में मंचन हुआ। राम किशोर नाग लिखित नाटक को बिंब सांस्कृतिक मंच के कलाकारों ने महर्षि कपूर के निर्देशन में पेश किया।

कहानी एक वृद्ध दंपती और उनके तीन बेटों के इर्द-गिर्द घूमती है। बेटे अपने काम, परिवार और सुविधाओं में इतने उलझे हैं कि माता-पिता के अंतिम संस्कार को भी जिम्मेदारी के बजाय समस्या मानते हैं। वे क्रियाकर्म कराने वाली कंपनी के पैकेज में सबसे सस्ता विकल्प चुनते हैं। व्यंग्य तब करुणा में बदलता है, जब शेखर का बेटा डब्बू अपने माता-पिता के क्रियाकर्म के लिए सौ रुपये अग्रिम देता है। प्रमुख भूमिकाओं में गुरुदत्त पांडेय, अंबुज अग्रवाल, कुलदीप श्रीवास्तव, केके पांडेय, विशाल सिंह, दक्ष कपूर और शिखा श्रीवास्तव रहे।

संवेदनहीन होते रिश्तों पर नाटक ने किया करारा प्रहार

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