
रीना चौधरी ने पीएम मोदी ने पूछा सवाल।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में समान नागरिक संहिता लागू करने के संकेत दिए हैं। मोदी ने कहा कि एक परिवार में एक सदस्य के लिए एक कानून हो और दूसरे सदस्य के लिए दूसरा कानून हो, तो क्या वह घर चल पाएगा। इसी तरह दोहरी व्यवस्था से देश कैसे चल पाएगा।
मोदी मंगलवार को भोपाल से वर्चुअल तरीके से लखनऊ की बूथ अध्यक्ष रीना चौरसिया के सवालों का जवाब दे रहे थे। पीएम ने भोपाल में लोकसभा चुनाव 2024 के मद्देनजर भाजपा के कमजोर बूथों पर मेरा बूथ सबसे मजबूत कार्यक्रम के तहत नियुक्त अल्पकालिक विस्तारकों सहित दस लाख बूथों पर तीन करोड़ से अधिक कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। वहीं कुछ बूथ अध्यक्षों और अल्पकालिक विस्तारकों से संवाद भी किया।
लखनऊ की उमराव सिंह धर्मशाला में भाजपा की बूथ अध्यक्ष रीना चौरिसया ने प्रधानमंत्री से संवाद करते हुए कहा कि वोट बैंक की राजनीति करने वालों ने देश को बहुत नुकसान पहुंचाया है। देश के लिए आप बड़ा काम करते हैं तो विपक्षी दलों के विरोध का नारा सातवें आसमान तक पहुंच जाता है। उन्होंने कहा कि पहले ये सभी तीन तलाक का बहुत विरोध कर रहे थे, अब समान नागरिक संहिता का विरोध कर रहे हैं। इससे मुस्लिम भाई बहनों को काफी भ्रम हो रहा है। उन्होंने मोदी से सवाल किया कि तीन तलाक और समान नागरिक संहिता के मुद्दे पर भ्रमित हो रहे मुस्लिम भाई बहिनों को कैसे समझाएं?
रीना के सवाल के जवाब में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि देश में आजकल समान नागरिक संहिता के नाम पर लोगों को भड़काने का काम हो रहा है। उन्होंने कहा कि ध्यान रखना है कि भारत के संविधान में भी नागरिकों के समान अधिकार की बात कही गई है। सुप्रीम कोर्ट डंडा मारता है कि समान नागरिक संहिता लाओ। उन्होंने कहा कि लेकिन ये वोट बैंक के भूखे लोग यदि सही मायने में मुस्लिमों के सच्चे हितैशी होते तो मुस्लिम शिक्षा, रोजगार में पीछे नहीं रहते।
भेदभाव से पसमांदा मुस्लिमों की कई पीढ़ियों को हुआ नुकसान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पसमांदा मुस्मिल वोट बैंक को साधते हुए कहा कि वोट बैंक की राजनीति करने वालों ने पसमांदा मुस्लिमों का जीना मुश्किल कर रखा है। उन्होंने कहा कि पसमांदा मुस्लिम तबाह हो गए हैं, उन्हें कोई फायदा नहीं मिला, वह कष्ट में गुजारा कर रहे हैं, उनकी कोई सुनने वाला नहीं है। मोदी ने कहा कि उनके ही धर्म के लोगों ने पसमांदा मुसलमानों का शोषण किया है, उन्हें बराबरी का हक नहीं मिला, उन्हें नीचा समझा जाता है। लेकिन इस मुद्दे पर देश में कभी चर्चा नहीं होती है।
उन्होंने कहा कि मोची, भिश्ती, जोगी, भटियारा, मदारी, जुलाह, लहरी, हल्दर सहित अन्य पसमांदा मुस्लिमों को भेदभाव के कारण इतने पीछे रह गए कि इसका नुकसान इनकी कई पीढ़ियो को भुगतना पड़ा। मोदी ने कहा कि लेकिन, भाजपा देश के प्रत्येक नागरिक के लिए सबका साथ, सबका विकास की नीति पर काम कर रही है। आयुष्मान भारत योजना में स्वास्थ्य सुविधा और पीएम आवास योजना में पक्का आवास पसमांदा मुस्लिमों को भी मिला है।
मोदी ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता इन तथ्यों के साथ मुस्लिम वर्ग के बीच जाकर बेहतर तरीके से उन्हें समझाएंगे तो उनका भ्रम दूर होगा। मोदी ने कहा कि बड़े विश्वास के साथ दुख और कठिनाई दूर करने में समानता के भाव से काम करेंगे तो मुस्लिम बात समझेंगे भी और मानेंगे भी।
वोट बैंक के भूखे लोगों ने किया मुस्लिम बेटियों के साथ अन्याय
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि जो लोग तीन तलाक की वकालत करते हैं, ये वोट बैंक के भूखे लोग मुस्लिम बेटियों के साथ बहुत बड़ा अन्याय कर रहे हैं। मोदी ने कहा कि तीन तलाक से केवल एक बेटी को ही नुकसान नहीं होता है। जब एक परिवार की बेटी को विवाह के आठ दस साल बाद तीन तलाक देकर निकाल दिया जाता है तो उस मां, बाप या भाई की क्या स्थिति होती है, जिन्होंने बड़े अरमानों से बेटी का विवाह किया था। उन्होंने कहा कि तीन तलाक से सिर्फ बेटी के साथ ही अन्याय नहीं होता है बल्कि उसका पूरा परिवार तबाह होता है। मोदी ने कहा कि यदि तीन तलाक सही है तो मिस्र, इंडोनेशिया, सीरिया, जार्डन, कतर, बांग्लादेश जैसे मुस्लिम बहुल देशों में तीन तलाक बंद क्यों हैं? उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों के लोग मुस्लिम बेटियों पर तीन तलाक का फंदा लटाकर उन पर हमेशा अत्याचार के लिए खुशी छूट चाहते हैं। उन्होंने कहा कि मुस्लिमों को समझना होगा कि कौनसे राजनीतिक दल उन्हें भड़काकर फायदा लेने के लिए उन्हें बर्बाद कर रहे हैं। मोदी ने कहा कि तीन तलाक पर रोक के बाद से मुस्लिम बहन बेटियां भाजपा और मोदी के साथ खड़ी रहती हैं।
