हसनगंज पुलिस ने सोमवार रात में लखनऊ विश्वविद्यालय के लाल बहादुर शास्त्री छात्रावास से पीएचडी के छात्र अमन दुबे को हिरासत में ले लिया। जैसे ही छात्रावास में रहने वाले अन्य छात्रों को इसकी जानकारी मिली, वे हॉस्टल से बाहर निकल आए। सभी लविवि पुलिस चौकी के बाहर एकत्र हो गए और प्रदर्शन शुरू कर दिया। देर रात अमन दुबे को पुलिस ने छोड़ा तो मामला शांत हुआ।

प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि बिना किसी लिखित शिकायत व विश्वविद्यालय प्रशासन की अनुमति के छात्रावास से अमन दुबे को ले जाया गया, जो गलत है। छात्रों ने बताया कि ये धरना-प्रदर्शन अमन दुबे की रिहाई के लिए शुरू किया गया है।

प्रदर्शन मामले में पुलिस ने की थी एफआईआर

13 सितंबर को लविवि के राजनीतिशास्त्र विभाग की गैलरी में शोध छात्र अमन दुबे व रिशेंद्र प्रताप सिंह में फिर से मारपीट हुई थी। इसके बाद अमन ने साथी प्रियांशु गुप्ता, शिवाजी यादव, उज्ज्वल सिंह, रजत सिंह, शिवम सिंह, शिखर वर्मा, शिवम कुमार व 25 अज्ञात साथियों के साथ विश्वविद्यालय गेट के बाहर आकर हनुमान सेतु पर प्रदर्शन किया था। इससे यातायात बाधित हो गया था। चौकी प्रभारी शिशिर कुमार ने इस मामले में अमन दुबे और साथियों के खिलाफ केस दर्ज किया था।

सोमवार को फिर आमने-सामने आए दोनों गुट

सोमवार को एक बार फिर दोनों गुट आमने-सामने आ गए। गेट नंबर-3 के पास दोनों पक्षों में मारपीट हुई। इसके बाद पुलिस ने दोनों पक्षों के कई लोगों को हिरासत में ले लिया है। इंस्पेक्टर प्रमोद कुमार का कहना है कि आरोपियों को थाने लाया गया है। सभी से पूछताछ की जा रही है। सोमवार को हुई मारपीट के बाद दूसरे पक्ष ने अमन के खिलाफ केस दर्ज कराया है। इसी मामले में पुलिस ने अमन को हिरासत में लिया है।



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