सिविल लाइंस स्थित करोड़ों रुपये की नजूल की संपत्ति पर कब्जे के मामले में जेल भेजे गए अवनीश दीक्षित के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए पुलिस ने संपत्ति कुर्क की थी। जेल से रिहाई के बाद अवनीश ने कुर्की आदेश को निरस्त करने के लिए कोर्ट में याचिका दाखिल की थी लेकिन विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर एक्ट निशा श्रीवास्तव ने पुलिस कमिश्नर के कुर्की आदेश को सही ठहराते हुए याचिका खारिज कर दी है।
याचिका में अवनीश की ओर से अधिवक्ता ने तर्क रखा कि गैंगस्टर एक्ट के तहत वही संपत्ति कुर्क की जा सकती है जो गैंगस्टर द्वारा अपराध से अर्जित की गई हो। पहले अपराध साबित होना चाहिए तभी संपत्ति कुर्क की जानी चाहिए लेकिन अब तक उसके खिलाफ कोई आरोप साबित नहीं हुआ है। 29 सितंबर 2025 का कुर्की का आदेश गलत है। वहीं, अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजक ने तर्क रखा कि पुलिस कमिश्नर के आदेश में कोई गलती नहीं है। अवनीश ने अपने गैंग के सदस्यों के साथ मिलकर जमीनों पर कब्जा कर रंगदारी वसूलने, फर्जीवाड़ा व धोखाधड़ी जैसे अपराध किए हैं। उसी से संपत्ति अर्जित की है।