
बबीना में शुरु किया युद्धाभ्यास
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बबीना फील्ड फायरिंग रेंज में इन दिनों दिन-रात बम के धमाकों की गूंज सुनाई दे रही है। यहां सेना की दक्षिणी कमान के सुदर्शन चक्र कोर द्वारा युद्धाभ्यास किया जा रहा है, जिसमें अत्याधुनिक तकनीक और शस्त्रों का इस्तेमाल किया जा रहा है। खास बात यह है कि युद्धाभ्यास में डीआरडीओ के अलावा निजी स्टार्टअप के रक्षा उपकरणों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है।
युद्ध क्षमताओं को निरंतर बढ़ाए रखने के क्रम में सेना की ओर से सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण बबीना फील्ड फायरिंग रेंज में युद्धाभ्यास ‘स्वावलंबन शक्ति’ शुरू किया गया है, जो मंगलवार तक चलेगा। युद्धाभ्यास में 1800 सैन्यकर्मी, 210 बख्तरबंद वाहन, 50 विशेष उपकरण और हवाई उपकरण भाग ले रहे हैं। इसके अलावा डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन (डीआरडीओ) की प्रयोगशालाओं में तैयार किए गए रक्षा उपकरणों को भी युद्धाभ्यास में शामिल किया गया है। इसके अलावा निजी क्षेत्र के स्टार्टअप के 50 से अधिक नई तकनीक के उपकरणों से भी सैन्यकर्मी युद्धाभ्यास कर रहे हैं। युद्धाभ्यास दिन-रात किया जा रहा है।
भविष्य के लिए महत्वपूर्ण है युद्धाभ्यास
युद्धाभ्यास सेना की सुदर्शन चक्र कोर के जनरल ऑफिसर कमांडिंग लेफ्टिनेंट जनरल प्रीत पाल सिंह की मौजूदगी में किया जा रहा है। इसका उद्देश्य भविष्य में विकास और खरीद के लिए महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों और उपकरणों की पहचान करना और उन्हें प्राथमिकता देना है।
इन प्रौद्योगिकियों का किया जा रहा है परीक्षण
युद्धाभ्यास के जरिये सेना नई प्रौद्योगिकियों का परीक्षण भी कर रही है। इसमें स्वार्म ड्रोन, कामिकाजे ड्रोन, लॉजिस्टिक ड्रोन, हैंडहेल्ड ड्रोन जैमर, सॉफ्टवेयर-परिभाषित रेडियो-आधारित मोबाइल एडहॉक नेटवर्क सिस्टम, रोबोटिक म्यूल, ऑल-टेरेन वाहन, लाइट आर्म्ड मल्टीपर्पस वाहन, गाइडेड प्रिसिजन एरियल डिलीवरी सिस्टम, लेज़र-आधारित संचार प्रणाली, निर्देशित ऊर्जा हथियार आदि शामिल हैं।
