Muzaffarnagar में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ पुलिस ने बड़ा अभियान चलाते हुए पांच मादक पदार्थ तस्करों को गिरफ्तार किया है। थाना कोतवाली नगर पुलिस ने “ऑपरेशन सवेरा” अभियान के तहत कार्रवाई करते हुए आरोपियों के कब्जे से करीब 12 किलो 998 ग्राम अवैध मादक पदार्थ बरामद किए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 6.5 लाख रुपये बताई जा रही है।

बरामद मादक पदार्थों में 9 किलो 846 ग्राम डोडा पोस्त और 3 किलो 152 ग्राम गांजा शामिल है। पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई जिले में नशे के नेटवर्क को तोड़ने की दिशा में बड़ी सफलता मानी जा रही है।


‘ऑपरेशन सवेरा’ के जरिए नशे के खिलाफ चल रहा बड़ा अभियान

सहारनपुर परिक्षेत्र के पुलिस उपमहानिरीक्षक द्वारा पूरे परिक्षेत्र में “ऑपरेशन सवेरा” अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य मादक पदार्थों की तस्करी, प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री और नशे के अवैध कारोबार पर प्रभावी रोक लगाना है।

“नशे के अंधकार से जीवन के उजाले की ओर” थीम पर चल रहे इस अभियान के तहत सहारनपुर रेंज के तीनों जिलों में लगातार छापेमारी और गिरफ्तारी की कार्रवाई की जा रही है।

मुजफ्फरनगर में यह अभियान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक Sanjay Kumar Verma के पर्यवेक्षण में चलाया जा रहा है। इस कार्रवाई में पुलिस अधीक्षक नगर Amrit Jain, सहायक पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी नगर Siddharth Mishra तथा थाना प्रभारी कोतवाली नगर बृजेश कुमार शर्मा की अहम भूमिका रही।


मंदिर के पीछे खाली प्लॉट से पकड़ा गया पहला आरोपी

पुलिस के अनुसार थाना कोतवाली नगर क्षेत्र में अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी कर इन तस्करों को गिरफ्तार किया गया। पहली गिरफ्तारी मिमलाना रोड निवासी फारूख पुत्र युसुफ की हुई, जिसे न्यू गुडलक बारात घर के पास मंदिर के पीछे बने खाली प्लॉट से गिरफ्तार किया गया।

उसके कब्जे से 1 किलो 100 ग्राम गांजा बरामद हुआ। आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/20 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

पुलिस सूत्रों का कहना है कि आरोपी लंबे समय से इलाके में अवैध गांजा सप्लाई करने के नेटवर्क से जुड़ा हुआ था और उसके संपर्कों की भी जांच की जा रही है।


रेलवे लाइन के पास से दो आरोपी दबोचे, भारी मात्रा में डोडा पोस्त बरामद

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने ग्राम पिन्ना निवासी वंश उर्फ वद्दू और विशाल को भी गिरफ्तार किया। दोनों आरोपियों को बुढाना-शाहपुर मार्ग पर रेलवे लाइन के साथ जाने वाले रास्ते से पकड़ा गया।

इनके कब्जे से 9 किलो 846 ग्राम डोडा पोस्त बरामद किया गया, जिसकी बाजार में बड़ी कीमत बताई जा रही है। पुलिस ने दोनों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/15 के तहत मुकदमा दर्ज किया है।

जांच एजेंसियों को आशंका है कि आरोपी आसपास के जिलों में भी मादक पदार्थों की सप्लाई करते थे। पुलिस अब इनके नेटवर्क और संपर्कों को खंगालने में जुटी है।


मोटरसाइकिल समेत गांजा बरामद, चरथावल रोड से हुई गिरफ्तारी

एक अन्य कार्रवाई में पुलिस ने खतौली क्षेत्र निवासी असलम पुत्र नईमद्दीन को गिरफ्तार किया। आरोपी को चरथावल-नियाजुपुरा रोड पर शनिदेव मंदिर के पीछे से पकड़ा गया।

पुलिस ने उसके कब्जे से 1 किलो 250 ग्राम अवैध गांजा और घटना में प्रयुक्त एक मोटरसाइकिल भी बरामद की है। आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/20 के तहत मामला दर्ज किया गया है।

अधिकारियों के मुताबिक आरोपी बाइक के जरिए अलग-अलग इलाकों में गांजा सप्लाई करता था। पुलिस उसके मोबाइल रिकॉर्ड और संपर्कों की जांच कर रही है।


हाईवे किनारे से भी पकड़ा गया गांजा तस्कर

थाना कोतवाली नगर पुलिस ने मेरठ निवासी सुनील कुमार पुत्र ब्रहम सिंह को भी गिरफ्तार किया। आरोपी को सलेमपुर-लकड़संधा दधेडू हाईवे के पास से पकड़ा गया।

उसके कब्जे से 802 ग्राम अवैध गांजा बरामद हुआ। पुलिस का कहना है कि आरोपी हाईवे रूट का इस्तेमाल कर नशे की सप्लाई करने की फिराक में था।

विशेषज्ञों का मानना है कि हाईवे और रेलवे रूट का इस्तेमाल कर छोटे-छोटे नेटवर्क के जरिए नशे की तस्करी तेजी से बढ़ रही है, जिसे रोकने के लिए पुलिस लगातार निगरानी बढ़ा रही है।


पुलिस टीम की सक्रियता से मिली बड़ी सफलता

इस कार्रवाई में थाना कोतवाली नगर की पुलिस टीम की अहम भूमिका रही। गिरफ्तारी करने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक बृजेश कुमार शर्मा, उपनिरीक्षक शशि कपूर, मिलन चौधरी, विक्रांत कुमार, हेड कांस्टेबल देवेंद्र सैनी, कांस्टेबल वेदराम, सुधीर कुमार, अनुज, दिनेश गौतम, नवीन सैनी और सुल्तान सिंह शामिल रहे।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जिले में नशे के कारोबार को किसी भी कीमत पर बढ़ने नहीं दिया जाएगा। आने वाले दिनों में भी अभियान के तहत लगातार कार्रवाई जारी रहेगी।


युवाओं को नशे से बचाने के लिए पुलिस का फोकस

विशेषज्ञों का मानना है कि मादक पदार्थों का अवैध कारोबार केवल कानून व्यवस्था का मुद्दा नहीं बल्कि सामाजिक चुनौती भी बन चुका है। नशे की गिरफ्त में सबसे ज्यादा युवा वर्ग आ रहा है, जिससे परिवार और समाज दोनों प्रभावित हो रहे हैं।

इसी को देखते हुए पुलिस प्रशासन “ऑपरेशन सवेरा” के माध्यम से न केवल तस्करों पर कार्रवाई कर रहा है बल्कि लोगों को जागरूक करने का प्रयास भी किया जा रहा है।


मुजफ्फरनगर में “ऑपरेशन सवेरा” के तहत हुई यह कार्रवाई नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ पुलिस की सख्त रणनीति को दर्शाती है। अलग-अलग स्थानों से पांच तस्करों की गिरफ्तारी और भारी मात्रा में मादक पदार्थों की बरामदगी ने यह संकेत दिया है कि पुलिस अब नशे के नेटवर्क पर लगातार दबाव बना रही है। प्रशासन का कहना है कि युवाओं को नशे से बचाने और जिले में सुरक्षित माहौल बनाए रखने के लिए ऐसे अभियान आगे भी जारी रहेंगे।



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