Muzaffarnagar: शहर में धार्मिक आस्था और वैदिक परंपरा का भव्य संगम देखने को मिलने वाला है। नई मंडी स्थित श्री बालाजी धाम मंदिर परिसर में आयोजित होने जा रहे एकादश कुण्डीय श्री शिवशक्ति महायज्ञ-2026 को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। नौ दिवसीय इस धार्मिक अनुष्ठान में वैदिक मंत्रोच्चार, यज्ञ में आहुतियां, भव्य कलश यात्रा और विशाल भंडारे सहित कई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
श्री बालाजी रोड, नई मंडी स्थित श्री बालाजी धाम मंदिर सेवा समिति (रजि.) के तत्वावधान में होने वाले इस महायज्ञ को लेकर मंदिर परिसर में आयोजित प्रेसवार्ता में समिति के प्रधान हरिशंकर तायल और प्रमुख पदाधिकारी भीमसेन कंसल ने कार्यक्रम की रूपरेखा और तैयारियों की जानकारी दी। समिति के अनुसार, महायज्ञ को पूरी विधि-विधान के साथ संपन्न कराने के लिए विशेष व्यवस्थाएं की जा रही हैं।
हिण्डौन सिटी से आएंगे 14 विद्वान ब्राह्मण
श्री शिवशक्ति महायज्ञ को वैदिक परंपराओं के अनुसार संपन्न कराने के लिए हिण्डौन सिटी से सुप्रसिद्ध विद्वान मिथलेश जी अपने साथ 14 विद्वान ब्राह्मणों की टोली लेकर मुजफ्फरनगर पहुंचेंगे। उनके सानिध्य में यज्ञ की विभिन्न वेदियों पर वैदिक मंत्रोच्चार के साथ आहुतियां दिलवाई जाएंगी।
मंदिर समिति के पदाधिकारियों के अनुसार, इस धार्मिक आयोजन का उद्देश्य लोककल्याण और विश्व शांति की कामना के साथ यज्ञ संपन्न कराना है। यज्ञ के दौरान वैदिक मंत्रों और धार्मिक अनुष्ठानों से मंदिर परिसर में भक्तिमय वातावरण बनेगा।
508 महिलाएं मंगल कलश के साथ निकालेंगी भव्य यात्रा
महायज्ञ का शुभारंभ रविवार, 11 अक्टूबर 2026 को सुबह 9:30 बजे कलश यात्रा के साथ होगा। मंदिर समिति के अनुसार, इस यात्रा में 508 माताएं और बहनें पारंपरिक वेशभूषा में सिर पर मंगल कलश धारण कर शामिल होंगी। कलश यात्रा नई मंडी क्षेत्र में भ्रमण करेगी।
धार्मिक आयोजनों में कलश यात्रा को शुभता, मंगलकामना और आध्यात्मिक आस्था का प्रतीक माना जाता है। इस आयोजन में बड़ी संख्या में महिलाओं की भागीदारी से कार्यक्रम की भव्यता बढ़ने की उम्मीद है। समिति की ओर से यात्रा और अन्य कार्यक्रमों की तैयारियां की जा रही हैं।
51 यजमान जोड़े यज्ञ में देंगे आहुतियां
नौ दिनों तक चलने वाले इस महायज्ञ में 51 मुख्य यजमान अपनी पत्नियों के साथ यज्ञशाला में बैठकर धार्मिक अनुष्ठान में भाग लेंगे। ये यजमान लोककल्याण और विश्व शांति की कामना के साथ यज्ञ में आहुतियां देंगे।
मंदिर समिति के प्रधान हरिशंकर तायल और भीमसेन कंसल ने बताया कि महायज्ञ को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह है। आयोजन में वैदिक विधि-विधान और धार्मिक परंपराओं का विशेष ध्यान रखा जाएगा। समिति के अनुसार, यह आयोजन क्षेत्र में आध्यात्मिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने का अवसर भी बनेगा।
108 परिक्रमा करने से पुण्य प्राप्ति की धार्मिक मान्यता
मंदिर समिति के पदाधिकारियों ने महायज्ञ की धार्मिक महिमा बताते हुए कहा कि शास्त्रों में यज्ञ और परिक्रमा को विशेष महत्व दिया गया है। उनके अनुसार, यज्ञ के दौरान प्रतिदिन यज्ञशाला की 108 परिक्रमा करने से श्रद्धालुओं को अनंत गुना पुण्य फल मिलने की धार्मिक मान्यता है।
इसी मान्यता के चलते आयोजन में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं के लिए यज्ञशाला की परिक्रमा भी विशेष आकर्षण रहेगी। हिण्डौन सिटी से आने वाले विद्वानों के मार्गदर्शन में संपन्न होने वाला यह अनुष्ठान श्रद्धालुओं को वैदिक परंपराओं और धार्मिक आस्था से जुड़ने का अवसर प्रदान करेगा।
11 से 19 अक्टूबर तक चलेगा नौ दिवसीय महायज्ञ
श्री बालाजी धाम मंदिर सेवा समिति के अनुसार, मुख्य महायज्ञ 11 अक्टूबर से 19 अक्टूबर 2026 तक प्रतिदिन दो पालियों में आयोजित होगा। सुबह और दोपहर बाद होने वाले अनुष्ठानों के लिए समय निर्धारित किया गया है। 19 अक्टूबर को पूर्णाहुति के साथ नौ दिवसीय महायज्ञ का समापन होगा।
महायज्ञ के बाद 20 अक्टूबर को मंदिर परिसर में विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा। समिति ने श्रद्धालुओं से कार्यक्रम में शामिल होकर धार्मिक अनुष्ठान में सहभागिता करने की अपील की है।
श्री शिवशक्ति महायज्ञ 2026 का पूरा कार्यक्रम
- कलश यात्रा: रविवार, 11 अक्टूबर 2026, सुबह 9:30 बजे से, नई मंडी क्षेत्र।
- मुख्य महायज्ञ: 11 से 19 अक्टूबर 2026 तक, प्रतिदिन सुबह 7 से 10 बजे और दोपहर बाद 3 से शाम 6 बजे तक।
- पूर्णाहुति: सोमवार, 19 अक्टूबर 2026, शाम 5 बजे।
- विशाल भंडारा: मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026, दोपहर 12 बजे से।
मंदिर समिति के पदाधिकारी रहे मौजूद
प्रेसवार्ता के दौरान मंदिर समिति के संस्थापक चन्द्रकिरण गुरु जी, प्रधान हरिशंकर तायल, सुनील तायल, कुलदीप कुमार, राकेश अरोरा, विजय बंसल, भीमसेन कंसल, अश्वनी कुमार, चचा जेपी, विनोद राठी, अनिल गोयल, कैलाश चंद गुप्ता, अम्बरीश सिंघल, संजीव गर्ग, अंकित गर्ग और रविंद्र कुमार सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
समिति के पदाधिकारियों ने आयोजन की तैयारियों की जानकारी देते हुए बताया कि महायज्ञ को धार्मिक परंपराओं के अनुरूप संपन्न कराने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं। नौ दिनों तक चलने वाले इस अनुष्ठान में कलश यात्रा, यज्ञ, पूर्णाहुति और भंडारे के माध्यम से श्रद्धालुओं को एक साथ जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।
मुजफ्फरनगर के नई मंडी स्थित श्री बालाजी धाम मंदिर में 11 से 19 अक्टूबर 2026 तक आयोजित होने वाला एकादश कुण्डीय श्री शिवशक्ति महायज्ञ धार्मिक आस्था का प्रमुख आयोजन रहेगा। 11 अक्टूबर को सुबह 9:30 बजे 508 महिलाओं की कलश यात्रा निकलेगी, जबकि 51 यजमान दंपती नौ दिवसीय अनुष्ठान में आहुतियां देंगे। हिण्डौन सिटी से आने वाले मिथलेश जी के सानिध्य में 14 विद्वान ब्राह्मण वैदिक मंत्रोच्चार के साथ यज्ञ संपन्न कराएंगे। 19 अक्टूबर को शाम 5 बजे पूर्णाहुति और 20 अक्टूबर को दोपहर 12 बजे से विशाल भंडारे का आयोजन होगा।
