IIA Muzaffarnagar चैप्टर की एग्जीक्यूटिव मीटिंग होटल स्वर्ण इन एंड सुइट्स में आयोजित की गई। बैठक में जिले के औद्योगिक क्षेत्र से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ। खास तौर पर सीएक्यूएम यानी Commission for Air Quality Management की Construction and Demolition Guidelines को लेकर सदस्यों को व्यावहारिक जानकारी दी गई, ताकि निर्माण और तोड़फोड़ से जुड़े कार्यों के दौरान धूल तथा अन्य प्रदूषणकारी तत्वों को नियंत्रित करने के लिए आवश्यक सावधानियां बरती जा सकें।

बैठक का संचालन चैप्टर चेयरमैन अमित जैन और सेक्रेटरी राहुल मित्तल ने किया। दोनों पदाधिकारियों ने बैठक में उठाए गए विषयों को क्रमवार रखते हुए सदस्यों के साथ चर्चा की और औद्योगिक इकाइयों तथा निर्माण गतिविधियों से जुड़े मामलों में नियमों के अनुपालन की आवश्यकता पर जोर दिया।

बैठक में केवल नियामकीय विषयों पर ही चर्चा नहीं हुई। संगठन की आगामी गतिविधियों, परिवार के साथ आयोजित किए जाने वाले फैमिली दीपावली समारोह और आईआईए की 35वीं एजीएम को लेकर भी सदस्यों के साथ विचार साझा किए गए। बैठक के दौरान सदस्यों ने विभिन्न मुद्दों पर अपनी राय रखी और संगठन की आगामी गतिविधियों में सहयोग का भरोसा दिया।

CAQM की Construction and Demolition Guidelines बनीं बैठक का प्रमुख मुद्दा

बैठक में सबसे महत्वपूर्ण विषयों में से एक CAQM की Construction and Demolition यानी निर्माण एवं विध्वंस से संबंधित गाइडलाइंस रहा। निर्माण गतिविधियों के दौरान धूल उड़ने और आसपास के वातावरण में प्रदूषण बढ़ने की संभावना को देखते हुए इन दिशा-निर्देशों का पालन महत्वपूर्ण माना जाता है।

आईआईए सेक्रेटरी राहुल मित्तल ने सदस्यों को इन गाइडलाइंस के बारे में सरल और व्यावहारिक तरीके से जानकारी दी। उनका उद्देश्य यह स्पष्ट करना था कि उद्योगों और अन्य निर्माण गतिविधियों से जुड़े लोग नियमों को केवल कागजी औपचारिकता न समझें, बल्कि निर्माण स्थल पर आवश्यक सावधानियां अपनाकर उनका वास्तविक अनुपालन करें।

उन्होंने निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण से जुड़ी व्यवस्थाओं पर विशेष जोर दिया। बैठक में बताया गया कि निर्माण क्षेत्र को उचित तरीके से ढकना, निर्माण सामग्री को खुले में बिखरा हुआ न छोड़ना और मलबे को सुरक्षित ढंग से रखना जैसी सावधानियां प्रदूषण नियंत्रण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।

ग्रीन नेट और निर्माण स्थल की सुरक्षा पर जोर

निर्माण स्थलों पर ग्रीन नेट लगाने की आवश्यकता पर भी चर्चा हुई। निर्माण गतिविधियों के दौरान उड़ने वाली धूल आसपास के क्षेत्रों तक न पहुंचे, इसके लिए निर्माण स्थल को उपयुक्त तरीके से कवर करना उपयोगी उपाय माना जाता है।

बैठक में सदस्यों को बताया गया कि निर्माण स्थल पर केवल काम की गति पर ध्यान देना पर्याप्त नहीं है। आसपास के वातावरण और आम लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए धूल नियंत्रण के उपाय भी अपनाने चाहिए।

ग्रीन नेट जैसे उपाय निर्माण सामग्री या मलबे के छोटे कणों को हवा के साथ आसपास फैलने से रोकने में मदद कर सकते हैं। विशेषकर शहर के आबादी वाले क्षेत्रों में चल रहे निर्माण कार्यों में ऐसी सावधानियां और अधिक महत्वपूर्ण हो जाती हैं।

निर्माण सामग्री और मलबे को ढककर रखने की सलाह

बैठक में निर्माण सामग्री तथा मलबे को अच्छी तरह ढककर रखने पर भी जोर दिया गया। खुले में रखी रेत, मिट्टी, सीमेंट से जुड़ी सामग्री या निर्माण अवशेष हवा चलने पर आसपास फैल सकते हैं और धूल प्रदूषण बढ़ा सकते हैं।

इसी वजह से निर्माण स्थल पर सामग्री के भंडारण और मलबे के निपटान की व्यवस्था को भी प्रदूषण नियंत्रण का हिस्सा माना गया।

राहुल मित्तल ने सदस्यों को बताया कि निर्माण कार्य करते समय ऐसी छोटी-छोटी सावधानियां अपनाकर धूल के फैलाव को कम किया जा सकता है। इससे न केवल नियामकीय दिशा-निर्देशों के अनुपालन में मदद मिलेगी, बल्कि आसपास रहने वाले लोगों और काम करने वाले कर्मचारियों के लिए भी बेहतर वातावरण तैयार हो सकता है।

धूल को नियंत्रित करना क्यों जरूरी?

निर्माण और विध्वंस से निकलने वाली धूल वायु गुणवत्ता को प्रभावित करने वाले कारकों में शामिल हो सकती है। निर्माण स्थल के आसपास यदि लगातार धूल उड़ती रहे तो इससे सड़क, दुकानों, आसपास के घरों और वाहनों पर भी असर दिखाई दे सकता है।

इसी कारण निर्माण कार्यों में धूल नियंत्रण के लिए नियमित रूप से आवश्यक उपाय किए जाने की जरूरत होती है।

बैठक में सदस्यों को यह समझाने का प्रयास किया गया कि नियमों का पालन केवल निरीक्षण या कार्रवाई से बचने के लिए नहीं होना चाहिए, बल्कि औद्योगिक और शहरी वातावरण को बेहतर रखने के उद्देश्य से भी होना चाहिए।

उद्योग जगत के लिए नियमों की व्यावहारिक जानकारी पर जोर

किसी भी नियामकीय व्यवस्था की सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि उससे जुड़े लोग उसके प्रावधानों को कितनी आसानी से समझते हैं। बैठक में CAQM की गाइडलाइंस को सरल तरीके से समझाने का उद्देश्य भी यही रहा।

आईआईए सदस्यों के लिए यह चर्चा इसलिए महत्वपूर्ण रही क्योंकि औद्योगिक क्षेत्रों में निर्माण, विस्तार, मरम्मत और अन्य प्रकार की गतिविधियां नियमित रूप से चलती रहती हैं।

यदि निर्माण कार्य की शुरुआत से ही धूल नियंत्रण और मलबे के प्रबंधन की योजना बनाई जाए तो बाद में नियमों के अनुपालन से जुड़ी परेशानियों को कम किया जा सकता है।

फैमिली दीपावली समारोह को लेकर भी हुई चर्चा

बैठक में संगठन की आगामी गतिविधियों के साथ फैमिली दीपावली समारोह को लेकर भी विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। कार्यक्रम को बेहतर और सफल बनाने के लिए सदस्यों से सुझाव आमंत्रित किए गए।

आईआईए की ऐसी गतिविधियां केवल औद्योगिक विषयों तक सीमित नहीं रहतीं। परिवारों को जोड़ने वाले कार्यक्रम संगठन के सदस्यों के बीच आपसी संवाद और सामाजिक जुड़ाव को मजबूत करने का माध्यम भी बनते हैं।

फैमिली दीपावली समारोह को लेकर बैठक में कार्यक्रम की रूपरेखा और उसे अधिक प्रभावी बनाने के लिए सदस्यों की राय ली गई। आयोजन को यादगार बनाने के लिए अलग-अलग सुझाव सामने आने की संभावना है।

सदस्यों से लिए गए सुझाव, सामूहिक भागीदारी पर जोर

फैमिली दीपावली समारोह के आयोजन को लेकर सदस्यों से सुझाव लेना संगठन की सामूहिक कार्यशैली को भी दर्शाता है। किसी बड़े आयोजन की सफलता केवल पदाधिकारियों की तैयारी पर निर्भर नहीं करती, बल्कि सदस्यों की भागीदारी और सहयोग भी महत्वपूर्ण होता है।

बैठक में मौजूद सदस्यों ने कार्यक्रम को लेकर अपनी राय साझा की और संगठन की आगामी गतिविधियों में सहयोग का आश्वासन दिया।

इससे यह संकेत मिलता है कि संगठन अपने सदस्यों को केवल बैठकों तक सीमित रखने के बजाय उन्हें आगामी कार्यक्रमों की योजना में भी शामिल करना चाहता है।

1 सितंबर को ग्रेटर नोएडा में होगी IIA की 35वीं AGM

बैठक के अंत में डिविजनल चेयरमैन पवन कुमार गोयल ने सभी सदस्यों को धन्यवाद देते हुए वोट ऑफ थैंक्स दिया। इसी दौरान उन्होंने आईआईए की आगामी 35वीं Annual General Meeting यानी AGM के बारे में भी जानकारी साझा की।

उन्होंने बताया कि आईआईए की 35वीं एजीएम 1 सितंबर 2026 को ग्रेटर नोएडा में आयोजित होने जा रही है।

उन्होंने सदस्यों से अधिक से अधिक संख्या में एजीएम में भाग लेने का आह्वान किया। संगठन के लिए AGM एक महत्वपूर्ण वार्षिक आयोजन होता है, जहां संगठन की गतिविधियों, उपलब्धियों और आगे की दिशा पर चर्चा की जाती है।

35वीं AGM को लेकर सदस्यों में उत्साह

ग्रेटर नोएडा में होने वाली 35वीं AGM को लेकर मुजफ्फरनगर चैप्टर के सदस्यों को भी सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया गया। बड़ी संख्या में सदस्यों की भागीदारी संगठन की सामूहिक ताकत को प्रदर्शित कर सकती है।

AGM जैसे आयोजनों में अलग-अलग क्षेत्रों और चैप्टर से जुड़े पदाधिकारी एवं सदस्य एक साथ आते हैं। इससे औद्योगिक क्षेत्र से जुड़े व्यापक मुद्दों पर विचार साझा करने का अवसर भी मिलता है।

पवन कुमार गोयल ने इसी संदर्भ में सदस्यों से कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की।

आईआईए की बैठक में उद्योग जगत के कई मुद्दों पर विचार

एग्जीक्यूटिव मीटिंग में केवल एजेंडे में शामिल विषयों तक चर्चा सीमित नहीं रही। सदस्यों ने विभिन्न विषयों पर अपने विचार साझा किए।

औद्योगिक क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए प्रदूषण संबंधी नियम, प्रशासनिक प्रक्रियाएं, उद्योग संचालन, सामाजिक कार्यक्रम और संगठन की गतिविधियां लगातार महत्वपूर्ण विषय रहते हैं।

ऐसे में नियमित एग्जीक्यूटिव बैठकें सदस्यों को अपने अनुभव और समस्याएं साझा करने का अवसर देती हैं। इससे संगठन के पदाधिकारियों को भी जमीनी स्तर पर सामने आने वाले मुद्दों को समझने में मदद मिलती है।

मुजफ्फरनगर के उद्योगों के लिए प्रदूषण नियंत्रण अहम मुद्दा

मुजफ्फरनगर पश्चिमी उत्तर प्रदेश का महत्वपूर्ण औद्योगिक क्षेत्र है। यहां विभिन्न प्रकार की औद्योगिक इकाइयां और व्यवसायिक गतिविधियां संचालित होती हैं। ऐसे में पर्यावरणीय नियमों का पालन उद्योग जगत के लिए लगातार महत्वपूर्ण विषय बना रहता है।

Construction and Demolition Guidelines पर हुई चर्चा इसी व्यापक संदर्भ का हिस्सा है। निर्माण गतिविधियों के दौरान धूल को नियंत्रित करना, मलबे को सही तरीके से रखना और निर्माण स्थल को व्यवस्थित रखना स्थानीय वातावरण के लिए उपयोगी हो सकता है।

उद्योगों के लिए चुनौती यह होती है कि वे उत्पादन और विकास की जरूरतों के साथ पर्यावरणीय जिम्मेदारियों का संतुलन बनाए रखें।

नियमों के पालन से उद्योग और समाज दोनों को फायदा

प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े नियमों को उद्योग जगत पर अतिरिक्त बोझ के रूप में देखने के बजाय उन्हें बेहतर औद्योगिक प्रबंधन का हिस्सा बनाया जा सकता है।

यदि निर्माण सामग्री व्यवस्थित तरीके से रखी जाए, मलबा समय पर हटाया जाए और धूल को नियंत्रित करने के लिए आवश्यक व्यवस्था हो तो आसपास के क्षेत्र में भी बेहतर वातावरण बना रह सकता है।

इसके साथ ही नियमों के पालन से औद्योगिक इकाइयों को नियामकीय प्रक्रियाओं के साथ बेहतर तालमेल बनाने में मदद मिल सकती है।

बैठक में संगठनात्मक गतिविधियों को आगे बढ़ाने पर भी जोर

आईआईए की एग्जीक्यूटिव मीटिंग का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य संगठन की आगामी गतिविधियों को लेकर सदस्यों के बीच समन्वय स्थापित करना भी रहा।

फैमिली दीपावली समारोह से लेकर 35वीं AGM तक अलग-अलग कार्यक्रमों को लेकर सदस्यों को जानकारी दी गई। इससे संगठन के सदस्यों को आगामी कार्यक्रमों के लिए समय रहते अपनी भागीदारी तय करने का अवसर मिलता है।

संगठन की गतिविधियों में सदस्यों की सक्रिय भागीदारी किसी भी औद्योगिक संस्था के लिए महत्वपूर्ण होती है।

वरिष्ठ पदाधिकारियों और सदस्यों की रही मौजूदगी

बैठक में आईआईए के अनेक वरिष्ठ पदाधिकारी, पूर्व पदाधिकारी और सदस्य उपस्थित रहे। इनमें आईआईए के पूर्व चेयरमैन नवीन अग्रवाल, कुश पुरी, मनोज अरोरा, शरद जैन, वाइस चेयरमैन मनीष भाटिया, दीपक सिंगल, जॉइंट सेक्रेटरी उमेश गोयल और प्राचीर अरोरा शामिल रहे।

कोषाध्यक्ष सुधीर अग्रवाल तथा सहकोषाध्यक्ष नमन जैन भी बैठक में उपस्थित रहे। इनके अलावा अरविंद मित्तल, अनमोल अग्रवाल, राज शाह, एफ.सी. मोघा, शमित अग्रवाल और सीए संजय संगल की भी मौजूदगी रही।

बैठक में सीए अतुल अग्रवाल, सीए प्रगति कुमार, तुषार गुप्ता एडवोकेट, पंकज मोहन गर्ग, संदीप जैन, अनमोल गर्ग और प्रेरक जैन भी शामिल हुए।

इसके साथ ही डॉ. यशपाल सिंह, कपिल मित्तल, अनुज कुच्छल, मनीष जैन, नईम चांद, कनव अग्रवाल, स्पर्श अग्रवाल और विनोद जलोत्रा सहित अन्य सदस्य भी बैठक का हिस्सा रहे।

अमित जैन और राहुल मित्तल ने संभाला बैठक का संचालन

चैप्टर चेयरमैन अमित जैन और सेक्रेटरी राहुल मित्तल ने बैठक का संचालन किया। दोनों पदाधिकारियों ने बैठक के प्रमुख बिंदुओं को सदस्यों के सामने रखा और चर्चा को आगे बढ़ाया।

राहुल मित्तल द्वारा CAQM की Construction and Demolition Guidelines को सरल भाषा में समझाया जाना बैठक का विशेष हिस्सा रहा। इससे सदस्यों को निर्माण गतिविधियों के दौरान अपनाई जाने वाली व्यावहारिक सावधानियों को समझने में मदद मिली।

उद्योगों और निर्माण एजेंसियों के लिए उपयोगी संदेश

निर्माण और विध्वंस गतिविधियों में धूल नियंत्रण को लेकर हुई चर्चा का संदेश केवल आईआईए सदस्यों तक सीमित नहीं है। निर्माण से जुड़े ठेकेदारों, डेवलपर्स और औद्योगिक इकाइयों के लिए भी यह विषय महत्वपूर्ण है।

निर्माण स्थल पर ग्रीन नेट लगाना, सामग्री और मलबे को ढककर रखना तथा धूल फैलने से रोकने के उपाय करना ऐसे कदम हैं जिन्हें नियमित कार्यप्रणाली का हिस्सा बनाया जा सकता है।

इस तरह की सावधानियां निर्माण कार्य के दौरान आसपास रहने वाले लोगों को होने वाली असुविधा को कम करने में भी मदद कर सकती हैं।

बैठक ने दिखाई उद्योग और पर्यावरण के संतुलन की जरूरत

आज औद्योगिक विकास के साथ पर्यावरणीय जिम्मेदारी का मुद्दा भी लगातार महत्वपूर्ण होता जा रहा है। निर्माण गतिविधियां विकास की आवश्यक प्रक्रिया हैं, लेकिन इनके दौरान प्रदूषण को नियंत्रित करना भी उतना ही जरूरी है।

आईआईए की बैठक में CAQM की गाइडलाइंस को लेकर हुई चर्चा इसी संतुलन की दिशा में एक महत्वपूर्ण संवाद के रूप में देखी जा सकती है।

यदि उद्योग जगत नियमों को समझकर पहले से ही आवश्यक व्यवस्थाएं अपनाए तो निर्माण कार्य और पर्यावरणीय जिम्मेदारी के बीच बेहतर संतुलन बनाया जा सकता है।

फैमिली कार्यक्रम से संगठनात्मक जुड़ाव मजबूत करने की तैयारी

फैमिली दीपावली समारोह को लेकर हुई चर्चा ने बैठक को एक अलग सामाजिक आयाम भी दिया। औद्योगिक संगठन में सदस्यों के परिवारों की भागीदारी से आपसी संबंध मजबूत हो सकते हैं।

दीपावली जैसे अवसर सामाजिक और पारिवारिक जुड़ाव के लिए महत्वपूर्ण होते हैं। आईआईए का फैमिली कार्यक्रम भी सदस्यों को औपचारिक बैठकों से अलग एक साथ आने का अवसर देगा।

कार्यक्रम को अधिक आकर्षक और व्यवस्थित बनाने के लिए सदस्यों से सुझाव लिए जाना इसकी तैयारी का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा।

35वीं AGM में अधिक भागीदारी का आह्वान

पवन कुमार गोयल ने बैठक के दौरान 1 सितंबर 2026 को ग्रेटर नोएडा में आयोजित होने वाली आईआईए की 35वीं AGM की जानकारी साझा की और सदस्यों से अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने का आग्रह किया।

AGM संगठन के कामकाज की समीक्षा और भविष्य की दिशा तय करने के लिहाज से महत्वपूर्ण होती है। ऐसे आयोजनों में सदस्यों की भागीदारी से संगठन के भीतर संवाद और सामूहिक निर्णय प्रक्रिया को मजबूती मिलती है।

मुजफ्फरनगर चैप्टर से अधिक सदस्यों की भागीदारी संगठन के स्तर पर चैप्टर की सक्रियता को भी प्रदर्शित करेगी।

मुजफ्फरनगर के औद्योगिक जगत के लिए बैठक क्यों रही महत्वपूर्ण

मुजफ्फरनगर में उद्योगों की गतिविधियां स्थानीय अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। ऐसे में औद्योगिक संगठनों की बैठकें केवल संगठनात्मक औपचारिकता नहीं होतीं। इनमें पर्यावरण, प्रशासन, उद्योग संचालन और भविष्य की गतिविधियों से जुड़े विषयों पर चर्चा होती है।

इस बैठक में भी एक तरफ निर्माण एवं विध्वंस गतिविधियों से जुड़े पर्यावरणीय दिशा-निर्देशों पर चर्चा हुई, वहीं दूसरी तरफ संगठन के सामाजिक और वार्षिक कार्यक्रमों की तैयारी को लेकर सदस्यों को जोड़ा गया।

इससे बैठक में नियामकीय, संगठनात्मक और सामाजिक—तीनों स्तरों के विषय शामिल रहे।

आगे की गतिविधियों के लिए सदस्यों ने जताया सहयोग

बैठक के दौरान सदस्यों ने विभिन्न विषयों पर अपनी राय रखी और आईआईए की आगामी गतिविधियों में सहयोग का आश्वासन दिया। किसी भी संगठन के लिए सदस्यों की सक्रिय भागीदारी उसके कार्यक्रमों को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

फैमिली दीपावली समारोह हो या 35वीं AGM, दोनों आयोजनों में सदस्यों की भागीदारी को लेकर बैठक में विशेष रूप से चर्चा हुई।

वहीं निर्माण और प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े नियमों पर जानकारी साझा करने से सदस्यों को अपने स्तर पर आवश्यक सावधानियां अपनाने में मदद मिल सकती है।

एक ही बैठक में उद्योग, पर्यावरण और संगठन की तीन अहम तस्वीरें

मुजफ्फरनगर में हुई आईआईए की एग्जीक्यूटिव मीटिंग ने औद्योगिक क्षेत्र से जुड़े तीन महत्वपूर्ण पहलुओं को एक साथ सामने रखा। पहला, निर्माण एवं विध्वंस गतिविधियों के दौरान पर्यावरणीय नियमों का पालन; दूसरा, संगठन के सदस्यों और उनके परिवारों को जोड़ने वाले कार्यक्रम; और तीसरा, आईआईए की व्यापक संगठनात्मक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी।

CAQM की Construction and Demolition Guidelines पर चर्चा के दौरान धूल नियंत्रण के व्यावहारिक उपायों को समझाया गया। ग्रीन नेट लगाने, निर्माण सामग्री और मलबे को ढककर रखने तथा धूल को फैलने से रोकने जैसी सावधानियों पर जोर दिया गया।

इसके साथ ही फैमिली दीपावली समारोह को सफल बनाने के लिए सदस्यों से सुझाव लिए गए। बैठक के अंत में डिविजनल चेयरमैन पवन कुमार गोयल ने सभी सदस्यों को धन्यवाद दिया और 1 सितंबर 2026 को ग्रेटर नोएडा में होने वाली आईआईए की 35वीं AGM में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने का आह्वान किया।

बैठक में नवीन अग्रवाल, कुश पुरी, मनोज अरोरा, शरद जैन, मनीष भाटिया, दीपक सिंगल, उमेश गोयल, प्राचीर अरोरा, सुधीर अग्रवाल, नमन जैन, अरविंद मित्तल, अनमोल अग्रवाल, राज शाह, एफ.सी. मोघा, शमित अग्रवाल, सीए संजय संगल, सीए अतुल अग्रवाल, सीए प्रगति कुमार, तुषार गुप्ता एडवोकेट, पंकज मोहन गर्ग, संदीप जैन, अनमोल गर्ग, प्रेरक जैन, डॉ. यशपाल सिंह, कपिल मित्तल, अनुज कुच्छल, मनीष जैन, नईम चांद, कनव अग्रवाल, स्पर्श अग्रवाल और विनोद जलोत्रा सहित अनेक सदस्य मौजूद रहे।

मुजफ्फरनगर में आयोजित आईआईए की एग्जीक्यूटिव मीटिंग में उद्योग जगत से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों के साथ पर्यावरणीय जिम्मेदारी और संगठनात्मक गतिविधियों पर भी जोर दिया गया। CAQM की Construction and Demolition Guidelines को लेकर सदस्यों को निर्माण स्थल पर ग्रीन नेट, निर्माण सामग्री और मलबे को ढककर रखने तथा धूल को नियंत्रित करने जैसी सावधानियों की जानकारी दी गई। साथ ही फैमिली दीपावली समारोह की तैयारियों पर सुझाव लिए गए और 1 सितंबर 2026 को ग्रेटर नोएडा में होने वाली आईआईए की 35वीं AGM में अधिक से अधिक भागीदारी का आह्वान किया गया। बैठक में पदाधिकारियों और बड़ी संख्या में सदस्यों की मौजूदगी ने संगठन की सक्रियता और सामूहिक भागीदारी को रेखांकित किया।

 



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