Muzaffarnagar जनपद के जानसठ क्षेत्र में देर रात पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ ने एक संभावित बड़ी वारदात को टाल दिया। कुतुबपुर नहर झाल के पास लूट की योजना बना रहे बदमाशों को पुलिस ने घेर लिया, जिसके बाद हुई जवाबी कार्रवाई में दो शातिर बदमाश गोली लगने से घायल हो गए, जबकि छह अन्य आरोपियों को कॉम्बिंग अभियान के दौरान गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार समय रहते मिली सूचना और त्वरित कार्रवाई के कारण एक संगठित आपराधिक योजना को विफल कर दिया गया।
मुखबिर की सूचना पर सक्रिय हुई पुलिस टीम
देर रात पुलिस को सूचना मिली कि कुतुबपुर नहर झाल के पास कुछ संदिग्ध व्यक्ति किसी बड़ी घटना की तैयारी कर रहे हैं। सूचना मिलते ही इंस्पेक्टर राजीव शर्मा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने तत्काल क्षेत्र की घेराबंदी शुरू कर दी।
इस कार्रवाई में एसआई ओमेंद्र सिंह, एसआई मोहित परिहार, एसआई कामिल चौधरी, एसआई भूपेंद्र सिंह कालरा, एसआई दीपक शर्मा, हेड कांस्टेबल जितेंद्र सिंह यादव और कांस्टेबल सचिन चौधरी शामिल रहे। पुलिस टीम ने रणनीतिक तरीके से इलाके को चारों ओर से घेर लिया।
आत्मसमर्पण के बजाय बदमाशों ने की फायरिंग
घेराबंदी के बाद पुलिस ने बदमाशों को आत्मसमर्पण करने के लिए चेतावनी दी, लेकिन आरोप है कि बदमाशों ने जवाब में पुलिस पर जानलेवा फायरिंग शुरू कर दी। स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की।
जवाबी फायरिंग के दौरान दो बदमाशों के पैर में गोली लग गई, जिससे वे घायल हो गए और मौके पर ही पकड़ लिए गए। पुलिस ने तत्काल दोनों को हिरासत में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू की।
घायल बदमाशों की पहचान मेरठ और हापुड़ के रहने वाले के रूप में
पकड़े गए घायल आरोपियों की पहचान आरिफ पुत्र मोहम्मद उमर निवासी आशियाना कॉलोनी, लिसाड़ी गेट, मेरठ और साजिद पुत्र अनीस निवासी कस्तला काश्माबाद, हापुड़ के रूप में हुई है।
पुलिस के अनुसार दोनों आरोपियों पर लूट, डकैती और चोरी जैसे गंभीर अपराधों के करीब एक-एक दर्जन मुकदमे पहले से दर्ज हैं। इससे संकेत मिलता है कि ये पेशेवर आपराधिक गिरोह से जुड़े हुए थे।
मौके से तमंचे और कारतूस बरामद
घटनास्थल से पुलिस ने दो तमंचे, दो खोखा कारतूस और दो जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। बरामद हथियारों को कब्जे में लेकर फॉरेंसिक जांच की प्रक्रिया शुरू की गई है।
पुलिस का मानना है कि इन हथियारों का इस्तेमाल किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने के लिए किया जा सकता था।
कॉम्बिंग अभियान में छह और बदमाश दबोचे गए
घटना के बाद चलाए गए सघन कॉम्बिंग अभियान के दौरान छह अन्य संदिग्ध आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया। इनमें इकरामुद्दीन (मवाना, मेरठ), मुजाहिद (जनदरपुर, बिजनौर), शादाब (भोवनवाड़ा, बिजनौर), राशिद (बटला हाउस, दिल्ली), अकील अहमद (नहटौर, बिजनौर) और जीशान (मंडावली, बिजनौर) शामिल हैं।
इन आरोपियों के पास से छह चाकू भी बरामद किए गए हैं, जिन्हें पुलिस ने जब्त कर लिया है।
घायलों को जिला अस्पताल में कराया गया भर्ती
मुठभेड़ में घायल दोनों आरोपियों को प्राथमिक उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी निगरानी की जा रही है। चिकित्सकीय उपचार के बाद उनसे विस्तृत पूछताछ की जाएगी।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गिरोह के अन्य संभावित सदस्यों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है।
सीओ ऋषिका सिंह ने मौके पर पहुंचकर लिया जायजा
घटना की जानकारी मिलते ही क्षेत्राधिकारी ऋषिका सिंह घटनास्थल पर पहुंचीं और पुलिस टीम से पूरी जानकारी ली। उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण कर आगे की जांच के निर्देश भी दिए।
मुठभेड़ की सूचना पर थाना जानसठ, थाना रामराज और थाना ककरौली की पुलिस भी मौके पर पहुंच गई थी, जिससे पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत कर दी गई।
समय रहते कार्रवाई से टली बड़ी वारदात
पुलिस अधिकारियों के अनुसार यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की जाती तो गिरोह किसी बड़ी लूट की घटना को अंजाम दे सकता था। त्वरित कार्रवाई से न केवल अपराधियों को गिरफ्तार किया गया बल्कि संभावित वारदात को भी रोका जा सका।
इस कार्रवाई को क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
कुतुबपुर नहर झाल क्षेत्र में देर रात हुई मुठभेड़ ने एक बार फिर यह संकेत दिया है कि पुलिस की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से संगठित अपराध की बड़ी घटनाओं को समय रहते रोका जा सकता है। आठ आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ इस कार्रवाई ने इलाके में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने का स्पष्ट संदेश दिया है।
