Muzaffarnagar में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान नारी शक्ति वंदन अधिनियम को महिलाओं के सम्मान, अधिकार और नेतृत्व की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया गया। कार्यक्रम में महिला सशक्तिकरण और महिलाओं की नीति निर्धारण में भागीदारी को लेकर विस्तार से चर्चा की गई, जिसमें बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।

कार्यक्रम का केंद्र बिंदु महिलाओं को राजनीतिक मुख्यधारा में मजबूत स्थान दिलाने की दिशा में किए गए प्रयास रहे, जिन्हें वक्ताओं ने लोकतंत्र के लिए महत्वपूर्ण परिवर्तन बताया।


वंदना वर्मा ने कहा—यह केवल आरक्षण नहीं, नेतृत्व का मार्ग

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधान परिषद सदस्य Vandana Verma ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम देश की आधी आबादी को राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने की दिशा में एक क्रांतिकारी पहल है। उन्होंने इसे महिलाओं को निर्णय लेने की प्रक्रिया में सहभागी बनाने वाला ऐतिहासिक कानून बताया।

उन्होंने कहा कि यह पहल केवल सीटों के आरक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाओं को नीति निर्माण की अग्रिम पंक्ति में लाने का सशक्त माध्यम है।


19 सितंबर 2023 को बताया लोकतांत्रिक इतिहास का महत्वपूर्ण दिन

वंदना वर्मा ने कहा कि 19 सितंबर 2023 का दिन भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में विशेष महत्व रखता है, जब इस अधिनियम को लागू किया गया। उन्होंने इसे महिलाओं के अधिकारों की दिशा में एक निर्णायक पड़ाव बताया।

उन्होंने कहा कि लंबे समय तक महिला आरक्षण केवल चर्चा का विषय बना रहा, लेकिन वर्तमान सरकार ने इसे वास्तविक रूप देने का कार्य किया।


प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के नेतृत्व को बताया निर्णायक

अपने संबोधन में उन्होंने प्रधानमंत्री Narendra Modi और गृह मंत्री Amit Shah के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए कई ऐतिहासिक फैसले इसी नेतृत्व में संभव हो पाए हैं।

उन्होंने कहा कि मजबूत नीयत और स्पष्ट दृष्टि के कारण ही इस प्रकार के महत्वपूर्ण निर्णय लागू हो सके हैं।


महिलाएं अब नीति निर्धारण में निभाएंगी अग्रणी भूमिका

कार्यक्रम में यह भी कहा गया कि आने वाले समय में महिलाएं केवल मतदाता या सहभागी के रूप में नहीं बल्कि नीति निर्धारण की प्रक्रिया में सक्रिय भूमिका निभाएंगी। इसे लोकतंत्र के विकास की दिशा में सकारात्मक परिवर्तन बताया गया।

वक्ताओं ने कहा कि महिलाओं की नेतृत्व क्षमता को मजबूत करने से सामाजिक और आर्थिक विकास की गति भी तेज होगी।


केंद्र सरकार की योजनाओं से महिलाओं को मिला सशक्त आधार

कार्यक्रम के दौरान केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं का उल्लेख करते हुए बताया गया कि जनधन योजना, उज्ज्वला योजना और स्वच्छ भारत मिशन जैसी पहल ने महिलाओं के जीवन में व्यापक परिवर्तन लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

इन योजनाओं के माध्यम से महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ी है और सामाजिक स्तर पर भी उन्हें नई पहचान मिली है।


महिला नेतृत्व से मजबूत होगा लोकतांत्रिक ढांचा

वक्ताओं ने कहा कि महिलाओं की बढ़ती राजनीतिक भागीदारी से लोकतंत्र और अधिक समावेशी और सशक्त बनेगा। समाज के विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं की सक्रिय भूमिका देश के विकास को नई दिशा देने में सहायक सिद्ध होगी।

कार्यक्रम के दौरान महिला सशक्तिकरण को राष्ट्रीय विकास की आधारशिला बताते हुए व्यापक जागरूकता की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया।


मुजफ्फरनगर में आयोजित इस कार्यक्रम में नारी शक्ति वंदन अधिनियम को महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने की दिशा में ऐतिहासिक पहल बताया गया। वक्ताओं ने विश्वास व्यक्त किया कि इस कानून से महिलाओं की नेतृत्व क्षमता को नया विस्तार मिलेगा और देश के लोकतांत्रिक ढांचे को और अधिक मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण योगदान सुनिश्चित होगा।

 



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