पहला बदलाव: सुबह 11.30 से दोपहर 1.30 बजे तक एंट्री लेनी होगी
परीक्षा केंद्र पर एंट्री सुबह 11.30 बजे से शुरू होगी। नीट के परीक्षार्थियों को हर हाल में दोपहर 1.30 बजे तक परीक्षा केंद्र में प्रवेश करना होगा। ठीक दोपहर 1.30 बजे परीक्षा केंद्र के दरवाजे बंद हो जाएंगे।
दूसरा बदलाव: बढ़ाई गई परीक्षा की अवधि
इस वर्ष परीक्षा की कुल अवधि में वृद्धि की गई है। पहले जहां नीट यूजी के लिए अभ्यर्थियों को 180 मिनट का समय दिया जाता था, वहीं अब परीक्षा की अवधि बढ़ाकर 195 मिनट कर दी गई है।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार परीक्षा दोपहर 2 बजे शुरू होगी और शाम 5:15 बजे समाप्त होगी। अतिरिक्त 15 मिनट का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि उपस्थिति दर्ज करने, आवश्यक औपचारिकताओं को पूरा करने और परीक्षा संचालन से जुड़ी अन्य प्रक्रियाओं का असर उम्मीदवारों के वास्तविक परीक्षा समय पर न पड़े।
एनटीए का मानना है कि इससे अभ्यर्थियों को प्रश्न हल करने के लिए पूरा निर्धारित समय मिल सकेगा और प्रशासनिक कार्यों के कारण उनका समय प्रभावित नहीं होगा।
तीसरा बदलाव: रफ वर्क के लिए मिलेगी ज्यादा जगह
एजेंसी ने रफ वर्क को लेकर भी बड़ा बदलाव किया है। अब तक प्रश्न पुस्तिका में रफ कार्य के लिए केवल दो पृष्ठ उपलब्ध कराए जाते थे, लेकिन नई व्यवस्था के तहत अभ्यर्थियों को चार रफ वर्क पेज दिए जाएंगे।
इस बदलाव से विशेष रूप से उन छात्रों को राहत मिलेगी जिन्हें गणनाएं करने, रेखाचित्र बनाने या अन्य सहायक कार्यों के लिए अतिरिक्त स्थान की आवश्यकता होती है।
चौथा बदलाव: प्रश्न पुस्तिका का लेआउट बदला गया
एनटीए ने प्रश्न पुस्तिका के स्वरूप में भी संशोधन किया है। पहले रफ वर्क के लिए उपलब्ध सभी पृष्ठ प्रश्न पुस्तिका के अंतिम हिस्से में दिए जाते थे। कई उम्मीदवारों, खासकर बाएं हाथ से लिखने वाले छात्रों ने इस व्यवस्था को कम सुविधाजनक बताया था।
अभ्यर्थियों के सुझावों को ध्यान में रखते हुए अब रफ वर्क के दो पेज निर्देशों वाले पृष्ठ के तुरंत बाद प्रश्न पुस्तिका की शुरुआत में दिए जाएंगे। वहीं दो अतिरिक्त पेज पुस्तिका के अंत में पहले की तरह उपलब्ध रहेंगे। यह नई व्यवस्था अंग्रेजी समेत सभी क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध प्रश्न पुस्तिकाओं पर समान रूप से लागू होगी।
पांचवां बदलाव: केंद्र पर सुविधाओं का इंतजाम किया गया
छात्रों की सुविधा के लिए परीक्षा केंद्र पर पावर बैकअप और ठंडे पानी की सुविधा भी की गई है। हालांकि, छात्रों को अपने साथ पारदर्शी पानी की बोतल ले जाने की अनुमति है। इसके अलावा, डायबिटीज के रोगियों के लिए भी उचित व्यवस्था की गई है।

